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Viral Video: भारत के इस शहर में पिछले 80 साल से चल रहा है यह अनोखा अस्पताल, जहां इंसान नहीं, कलम का होता है इलाज

भारत में एक ऐसा भी हॉस्पिटल है, जहां मरीज कोई इंसान नहीं, बल्कि खराब और पुरानी कलमें होती हैं। जी हां, यह भारत की एक बेहद ही खास जगह है जहां कलमों का इलाज किया जाता है।

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ये रहा वो अस्पताल (Instagram/@monkeyxmagic)

वायरल न्यूज (Viral News): अगर आप सोचते हैं कि अस्पताल सिर्फ इंसानों और जानवरों के लिए होते हैं, तो आपको सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो गलत साबित कर सकता है। दरअसल, इस वायरल वीडियो (Viral Video) में इंसानों और जानवरों के अलावा एक ऐसा अस्पताल देखने को मिला, जहा कलम का इलाज होता है। यानी कि यह हॉस्पिटल खराब हो चुके पेन के लिए बनाया गया है।

पेन हॉस्पिटल का Video हुआ वायरल

इस वायरल वीडियो (Viral Video) को इंस्टाग्राम @monkeyxmagic नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसमें एक शख्स भारत के इस अनोखे अस्पताल के बारे में बताते हुए नजर आ रहा है। वीडियो (Video) में दिख रहा यह हॉस्पिटल कोई अस्पताल नहीं बल्कि एक पेन सर्विसिंग की दुकान है। जहां खराब हो चुके महंगे पेन ठीक किए जाते हैं। हांलाकि इस सर्विसिंग की दुकान का नाम पेन हॉस्पिटल है इसलिए इसे कलम का अस्पताल कहा जाता है।

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कहां है भारत का यह अनोखा अस्पताल?

वीडियो (Video) में वह शख्स बताता है कि यह पेन हॉस्पिटल कोलकाता की चौरंगी रोड के पास स्थित है। पेन सर्विसिंग की यह दुकान साल 1946 में मोहम्मद समसुद्दीन ने शुरू की थी और आज उनकी तीसरी पीढ़ी द्वारा यह दुकान चलाई जा रही है। इस जगह को “पेन हॉस्पिटल” इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां हर पेन का इलाज उसी तरह किया जाता है जैसे किसी मरीज का अस्पताल में होता है। यहां इस अस्पताल में पेन की टूटी हुई निब (Nib) ठीक की जाती है और स्याही लीक होने की समस्या भी दूर की जाती है। साथ ही फीड ब्लॉक हो जाए तो उसे साफ भी किया जाता है। इसके अलावा यहां पुरानी और विंटेज पेन को नया जैसा बनाया जाता है।

यहां सर्विसिंग के लिए आती हैं महंगी और पुरानी कलमें

सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि यहां काम करने वाले लोगों को “पेन का डॉक्टर” कहा जाता है। यहां इस पेन हॉस्पिटल में लोग अपनी महंगी और पुरानी कलमें ठीक करने के लिए आती हैं। लोग अक्सर अपनी पार्कर, मोंट ब्लांक और शेफर जैसी कंपनियों के पेन लेकर यहां उन्हें ठीक करवाने आते हैं। कई बार तो 50-60 साल पुरानी पेन भी यहां ठीक की जाती हैं। खास बात यह है कि इन्हें सिर्फ ठीक नहीं किया जाता, बल्कि उनकी पुरानी पहचान और सुंदरता भी वापस लाई जाती है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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