वायरल न्यूज़

VIDEO: शिकारी खुद बना कैदी! कुत्ते का शिकार करने आया तेंदुआ बेडरूम में हुआ लॉक

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर के चूईनाधार गांव में कुत्ते का शिकार करने आया तेंदुआ घर के बेडरूम में फंस गया। वन विभाग ने 36 घंटे बाद उसे ट्रेंकुलाइज कर जंगल में सुरक्षित छोड़ा।

Image

तेंदुए को ले जाती वन विभाग की टीम (Times Now Navbharat)

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे कि कभी-कभी जंगल का शिकारी भी ऐसी जगह फंस जाता है, जिसकी उसने कल्पना भी नहीं की होगी। संगड़ाह क्षेत्र के भलाड़-भलौना के चूईनाधार गांव में एक तेंदुआ कुत्ते का शिकार करने के लिए एक घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में घुसा, लेकिन कुछ ही देर में कहानी पूरी तरह बदल गई। तेंदुआ उसी कमरे में कैद हो गया और करीब 36 घंटे तक वन विभाग की टीम उसके रेस्क्यू में जुटी रही।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें:

शिकार की तलाश में घर में घुसा तेंदुआ

जानकारी के मुताबिक, गांव के सेवानिवृत्त शिक्षक मीना राम के घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में तेंदुआ घुस गया था। बताया जा रहा है कि वह वहां एक कुत्ते का शिकार करने पहुंचा था। कमरे के अंदर तेंदुए और कुत्ते के बीच झड़प भी हुई। इसी दौरान अचानक कमरे का दरवाजा बंद हो गया और तेंदुआ (Leopard) अंदर ही फंस गया। परिवार के लोगों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने बिना कोई जोखिम उठाए कमरे के दरवाजे को बाहर से लॉक कर दिया। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। मामला बेहद खतरनाक था, क्योंकि कमरे के अंदर खूंखार तेंदुआ मौजूद था। ऐसे में परिवार या गांव के किसी व्यक्ति ने उसके पास जाने की कोशिश नहीं की। वन विभाग ने भी पूरे मामले को सावधानी से संभाला और इलाके को अलर्ट पर रखा।

36 घंटे बाद जंगल में हुई तेंदुए की रिहाई

तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन परिक्षेत्र अधिकारी सत्य प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम में शार्प शूटर मोहित, स्थानीय वेटरनरी डॉक्टर अक्षय और डॉ. संजय के अलावा वनकर्मी सतपाल, रविंद्र, मुकेश और ट्विंकल शामिल रहे। तेंदुए को काबू करने के लिए टीम ने ट्रेंकुलाइजर का इस्तेमाल किया। ऑपरेशन आसान नहीं था, क्योंकि जरा सी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता था। इसी वजह से टीम ने काफी सावधानी के साथ काम किया और करीब 36 घंटे तक पूरे ऑपरेशन को जारी रखा। शनिवार देर शाम आखिरकार तेंदुए को सुरक्षित ट्रेंकुलाइज कर लिया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी पास के घने जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।

डेढ़ दिन तक इलाके में रहा डर का माहौल

सबसे राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी इंसान को नुकसान नहीं पहुंचा। परिवार ने भी समझदारी दिखाते हुए तेंदुए के कमरे में फंसने के बाद उसके पास जाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दी। इस घटना के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। करीब डेढ़ दिन तक इलाके में डर का माहौल बना हुआ था। वहीं वन विभाग की टीम की सतर्कता और परिवार की सूझबूझ से पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन बिना किसी जानी नुकसान के पूरा हो गया।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article