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चलती ट्रेन के नीचे आया बेटा, पिता ने किया कमाल; ऐसे बचाई मासूम की जान तो दुनिया ने कहा Brave Man

बांग्लादेश के भैरब रेलवे रेलवे स्टेशन पर पिता की बहादुरी का उदाहरण कैद हुआ है, जब उसने अपने नन्हे बच्चे (जो पटरियों पर गिर गया) को आती हुई ट्रेन से बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।

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बाग्लादेश में चलती ट्रेन के नीचे फंस गए थे बाप-बेटे (फोटो-Instgram)

सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर कोई भी दांतों तले उंगलियां दबा ले। इस वीडियो को देखकर लगता है कि पिता अपनी संतान के लिए किसी भी तूफान से गुजर जाए। इस खौफनाक घटना ने इस बात को 100 प्रतिशत सच साबित कर दिया है। जी, हां बांग्लादेश के भैरब रेलवे रेलवे स्टेशन पर पिता की बहादुरी का उदाहरण कैद हुआ है, जब उसने अपने नन्हे बच्चे (जो पटरियों पर गिर गया) को आती हुई ट्रेन से बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।

भारतीय मीडिया के साथ विदेशी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना तब घटी जब बच्चा गलती से प्लेटफार्म से फिसलकर पटरियों पर गिर गया और ठीक उसी समय एक ट्रेन तेज़ी से उसकी ओर आ रही थी। पिता ने बिना सोचे तुरंत उसके पीछे कूद गया। इतने में ट्रेन नजदीक आ गई, जिसके बाद उन्होंने बच्चे को अपने पास खींच लिया और उसके ऊपर लेट गए। अपने शरीर को ऊपर के खतरे से बचाने के लिए ढाल की तरह इस्तेमाल किया।

वायरल वीडियो में उस पल की भयावहता झलक रही है। ट्रेन पिता-पुत्र के ऊपर से गुजरी। एक के बाद एक डिब्बे सीधे उस जगह के ऊपर से गुजरे जहां पिता और बच्चा पटरियों से चिपके हुए थे। प्लेटफार्म पर मौजूद लोग और बच्चे की मां ईश्वर से दोनों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे थे।

जैसे ही ट्रेन गुजरी, लोग उनको बचाने के लिए दौड़ पड़े। गनीमत रही कि पिता और बेटे दोनों सुरक्षित बच गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दुनिया भर के सोशल मीडिया यूजर पिता की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए उन्हें हीरो बताया है। इसी बीच कई लोग प्लेटफार्म के डिजाइन, सुरक्षात्मक अवरोध और कड़े सुरक्षा के उपाय भविष्य में करने की सलाह दी है, ताकि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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