Viral Video: अगर आपसे कहा जाए कि आपको कब्रिस्तान के बीचों-बीच बैठकर चाय-नाश्ता करना है, तो शायद आपके रोंगटे खड़े हो जाएं। लेकिन, गुजरात के अहमदाबाद (Ahmedabad) में एक ऐसा रेस्टोरेंट है, जहां लोग बड़े चाव से कब्रों के ठीक बगल में बैठकर डोसा, मस्का बन और कड़क चाय का लुत्फ उठाते हैं। हम बात कर रहे हैं अहमदाबाद के विश्व प्रसिद्ध 'न्यू लकी रेस्तरां' की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। इस वीडियो को देखकर लोग हैरान भी हैं और इस पर चटकारे भी ले रहे हैं।
हाल ही में एक ट्रैवल ब्लॉगर Jenil ने इस रेस्तरां का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें देखा जा सकता है कि रेस्तरां के अंदर डाइनिंग टेबल्स के बिल्कुल पास लोहे की सुरक्षा रेलिंग में बंद हरी चादर वाली कब्रें मौजूद हैं। वीडियो में ब्लॉगर कब्र के पास टेबल पर बैठकर साउथ इंडियन डोसा खाते हुए नजर आ रहा है। वह बताता है कि दुनिया में यह अपने आप में अकेला ऐसा रेस्तरां है, जहां लोग मजारों के बीच बिना किसी डर के आराम से बैठकर खाना खाते हैं। आमतौर पर लोग श्मशान या कब्रिस्तान के नाम से भी हिचकते हैं, लेकिन 'न्यू लकी रेस्तरां' में आने वाले ग्राहकों का मानना एकदम अलग है। यहां आने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि इन पवित्र मजारों के पास बैठकर खाना खाना उनके लिए बेहद भाग्यशाली साबित होता है। देखें वीडियो...
लोगों के लिए लकी चार्म
दरअसल, रेस्टोरेंट के मालिक कृष्णन कुट्टी का कहना था कि जब उन्होंने यह जमीन खरीदी थी, तो वहां एक पुराना कब्रिस्तान था। उन्होंने कब्रों को नष्ट करने के बजाय उनका सम्मान करने का फैसला किया और उनके चारों तरफ रेलिंग बनवाकर रेस्तरां शुरू किया। समय के साथ यह जगह लोगों के लिए एक 'लकी चार्म' बन गई। यह रेस्तरां केवल आम जनता में ही नहीं, बल्कि नामचीन हस्तियों के बीच भी बेहद लोकप्रिय रहा है। भारत के मशहूर पेंटर एम.एफ. हुसैन जब भी अहमदाबाद आते थे, तो इस रेस्तरां में चाय पीना कभी नहीं भूलते थे। उन्होंने रेस्तरां को अपनी एक खास पेंटिंग भी उपहार में दी थी, जो आज भी वहां की दीवार पर सजी हुई है। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स इस पर एक से एक मजेदार कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि यहां तो खाना खाते समय शांति ही शांति का अहसास होगा। एक अन्य यूजर ने लिखा कि वेराएटी के साथ 'स्पिरिचुअल वाइब्स' मुफ्त। तो इस वीडियो पर आपकी क्या राय है जरूर बताएं।
(डिस्क्लेमर: यह लेख सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी भी धार्मिक या व्यक्तिगत भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है।)
