वायरल न्यूज़

Desi Jugaad: हॉस्टल में रहने वाले लड़कों का देसी जुगाड़, नजारा देख यूजर्स बोले - कूलर है या दूसरी दुनिया

इंस्टाग्राम पर हॉस्टल के लड़कों का एक ऐसा देसी जुगाड़ वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद आपकी हंसी नहीं रुकेगी।

Image

जुगाड़ लगाकर कूलर में बसा दी फल मण्डी (Instagram)

Desi Jugaad Viral Video: इंडियंस के पास ना तो दिमाग की कमी पहले थी और ना ही अब है। दिमाग लगाने के मामले में भारतीय पहले नंबर पर आते हैं। ये जुगाड़ लगाकर ऐसी-ऐसी चीजें बना देते हैं, जिसे देखकर इंसान सोच में पड़ जाता है। सोशल मीडिया पर ऐसे कई सारे वीडियोज वायरल होते रहते हैं, जिसमें जुगाड़ के ऐसे नमूने देखने को मिलते हैं, जो हैरान कर देते हैं। ये वीडियो भी कुछ ऐसा ही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में आपको हॉस्टल का नजारा दिखेगा। इसमें हॉस्टल के लड़कों ने अपने कूलर में ऐसा दिमाग भिड़ाया, जिसे देख आप अपना माथा पीटने लगेंगे। अगर फ्रिज बनाने वाले इंजीनियर्स देख लें तो उन्हें बुखार आ जाएगा और दिमाग ही हिल जाएगा। दरअसल, लड़के ने कूलर में मिनी सब्जी मण्डी लगा दी है। इसमें आप फल के साथ-साथ सब्जी को भी देख सकते हैं। ऐसा लग रहा है, जैसे ये कोई कूलर नहीं बल्कि फ्रिज हो। अब ऐसे में इनका जुगाड़ लोगों को काफी पसंद आ रहा है।

जुगाड़ लगाकर कूलर में बसा दी फल मण्डी

इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे इस वीडियो में यूजर्स के अतरंगे कमेंट्स देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में एक यूजर ने लिखा है कि भारतीयों के दिमाग के आगे साइंटिस्ट भी फेल हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा है कि किसी ने तो कूलर का सही उपयोग किया। बता दें, इस वीडियो को 'prince_ub_j_choudhary' नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है, जिस पर अब तक 1.75 लाख से अधिक लाइक्स आ चुके हैं। तो बताइए आपको ये वीडियो कैसी लगी?

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

और पढ़ें
End of Article