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भारत के इस मंदिर में चढ़ाया जाता है जूता-चप्पल, सारी मनोकामना पूरी करती हैं देवी मां

  • Agency by: Agency
  • Updated Sep 25, 2022, 07:47 PM IST

देश में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जो अपने अनोखे रीति-रिवाजों के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं। भारतीय लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए भगवान को अर्पण करते हैं। इसके लिए मंदिरों में फल-फूल, प्रसाद और मिठाई का भोग लगाया जाता है।

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भारतीय संस्कृति की दुनियाभर में एक अलग पहचान है। अपनी धार्मिक संस्कृति की वजह से भी भारत पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। भारत में धार्मिक स्थलों को चमत्कारी माना जाता है। देश में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जो अपने अनोखे रीति-रिवाजों के लिए दुनियाभर में जाने जाते हैं। भारतीय लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए भगवान को अर्पण करते हैं। इसके लिए मंदिरों में फल-फूल, प्रसाद और मिठाई का भोग लगाया जाता है।

मंदिर की अजीबोगरीब परंपरा

आपने अक्सर देखा होगा कि मंदिर में प्रवेश से पहले ही लोग अपने चप्पल-जूते बाहर उतार देते हैं। देश में कई मंदिर तो ऐसे हैं, जहां गेट से काफी पहले ही चप्पल-जूते उतरवा दिए जाते हैं। इसके अलावा बेल्ट और पर्स भी नहीं लेकर जा सकते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि देश में एक ऐसा मंदिर हैं, जहां भक्त चढ़ावे के रूप में मिठाई और फल-फूल नहीं बल्कि भगवान को जूता-चप्पल चढ़ाते हैं। इसी वजह से यह मंदिर काफी अनोखा माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने पर मनवांछित फल प्राप्त होता है और सारी मनोकामना पूरी होती है।

जीजीबाई मंदिर

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक मंदिर स्थित है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां आने वाले देवी को खुश करने के लिए जूता-चप्पल का प्रसाद चढ़ाते हैं। कहा जाता है कि जब भक्त गर्मी के दिनों में यहां दर्शन के लिए आते हैं, तो जूते-चप्पल चढ़ाकर जाते हैं। इसके अलावा यह भी मान्यता है कि गर्मी के दिनों में जीजी बाई मंदिर में आकर भक्त देवी जी को चश्मा और टोपी जैसी चीजें भी चढ़ाकर जाते हैं। जो भक्त यहां आने के बाद जूता-चप्पल नहीं चढ़ाते हैं, उनकी धार्मिक यात्रा अधूरी मानी जाती है।
Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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