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जानें क्या है एमपी E-Uparjan 2022, रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किसानों के पास होने चाहिए ये जरूरी दस्तावेज

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Nov 27, 2022, 04:21 PM IST

MP E-Uparjan 2022: मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी किसानों की मदद के लिए ई-उपार्जन प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया है। राज्य सरकार इस गेटवे के माध्यम से राज्य के प्रत्येक जिले में किसानों से रबी और खरीफ सीजन के लिए चावल, चना, ज्वार, बाजरा, सरसों, मसूर और गेहूं समेत खाद्यान्न खरीदती है।

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एमपी ई-उपार्जन 2022 में किसानों को मिलता है फायदा।

Photo : iStock

MP E-Uparjan 2022: मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने राज्य में किसानों (Farmers) को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसी भी फसल को बेचने की अनुमति देने के लिए मध्य प्रदेश ई-उपार्जन (E-Uparjan) पोर्टल नाम की एक ऑनलाइन वेबसाइट लॉन्च की है। अगर आप किसान हैं तो ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से अपनी फसल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Online Registration) करा सकते हैं।

एक बार इसमें रजिस्टर्ड होने के बाद आप अपने उत्पाद को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे सरकार को बेच सकते हैं। इसके लिए आपको धान या बाजरे को सरकार द्वारा संचालित निकटतम अनाज खरीद केंद्र तक पहुंचाना होगा। ये वेबसाइट उत्तर प्रदेश सरकार की ई-क्रे प्रणाली की तरह ही काम करती है। आपका अनाज यहां सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता है।

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी किसानों की मदद के लिए ई-उपार्जन प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया है। राज्य सरकार इस गेटवे के माध्यम से राज्य के प्रत्येक जिले में किसानों से रबी और खरीफ सीजन के लिए चावल, चना, ज्वार, बाजरा, सरसों, मसूर और गेहूं समेत खाद्यान्न खरीदती है। ये महत्वपूर्ण है कि सरकार हर साल सभी खाद्यान्नों के लिए न्यूनतम मूल्य निर्धारित करती है। इस मूल्य को न्यूनतम समर्थन मूल्य या न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में जाना जाता है।

ई-उपार्जन का उद्देश:-

सॉफ्टवेयर के माध्यम से उपार्जन केंद्रों द्वारा किसानों से अनाज की खरीदी की जाती है। अनाज की खरीदी के पश्चात किसानों को उनके बेचे गए अनाज की रसीद उपलब्ध कराई जाती है एवं किसानों द्वारा बेचे गए अनाज की राशि सात कार्य दिवसों में उनके रजिस्टर्ड बैंक खाते मे जमा कर दी जाती है। ई-उपार्जन साफ्टवेयर के माध्यम से उपार्जन केंद्र द्वारा संग्रहण केंद्रों को किसानों से खरीदे गए अनाज का परिवहन किया जाता है। परिवहन में उपयोग होने वाले बारदानो को भी उपार्जन केंद्र द्वारा प्राप्त और अन्य उपार्जन केंद्र को जारी किया जाता है। अनाज खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया ई-उपार्जन साफ्टवेयर के माध्यम से ही की जाती है।

ये मिलेगा फायदा:-
  1. e-Uparjan पोर्टल पर लोग घर बैठे अपने कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन रजिस्टर कर सकते हैं।
  2. इस योजना का लाभ राज्य के सभी किसान उठा सकते हैं।
  3. ऑनलाइन पोर्टल के शुरू होने से समय की भी बचत होगी।
  4. किसान की भुगतान राशि सीधे किसान के बैंक खाता में जमा होगी।
  5. मोबाइल में मैसेज द्वारा किसान खरीदी की जानकारी दी जाएगी।
  6. किसान को पंजीयन और खरीदी की पावती पर्ची भी दी जाएगी।

e-Uparjan प्रकिया

e-Uparjan की प्रक्रिया के अंतर्गत 6 चरण आते हैं, जिसमें किसान पंजीयन, मैसेज द्वारा खरीदी जानकारी देना, अनाज खरीदी, परिवहन, संग्रहण और भुगतान करने आदि ऑपरेशन किए जाते हैं, ताकि एक सही योजना बनाई जा सके।

  1. e-Uparjan ऑनलाइन पंजीयन।
  2. मैसेज द्वारा खरीदी जानकारी देना।
  3. उपार्जन केंद्र से किसान की खरीदी।
  4. खरीदे गए अनाज का परिवहन।
  5. परिवहन किए गए अनाज का गोदाम में संग्रहण।
  6. किसान के बैंक खाते में सीधे भुगतान।

एमपी ई-उपार्जन 2022 के लिए ये हैं जरूरी दस्तावेज:-

  1. किसान का आधार कार्ड।
  2. किसान का मूल निवास प्रमाण पत्र।
  3. किसान की समग्र आईडी।
  4. किसान के बैंक अकाउंट की पासबुक।
  5. ऋण पुस्तिका।
  6. मोबाइल नंबर।
  7. पासपोर्ट साइज फोटो।

मध्य प्रदेश ई-उपार्जन खरीफ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस अब सभी किसानों के लिए खुली है। ये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम किसानों को राज्य सरकार के पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कृषि वस्तुओं जैसे धान, मक्का, कपास, सोयाबीन और अन्य वस्तुओं की खरीद करने की अनुमति देगी।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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