भारतीय टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर आर अश्विन ने एक बड़ी समस्या की तरफ सबका ध्यान खींचा है। उन्होंने भविष्य की चिंताओं पर बात करते हुए कहा कि भारत में शायद ही अब कोई दूसरा जसप्रीत बुमराह आए। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों के बढ़ते प्रभाव के देखते हुए अगली पीढ़ी तेज गेंदबाज नहीं बनाना चाहेगी।
अश्विन ने भारतीय टीम की बल्लेबाजी यूनिट की तारीफ करते हुए कहा कि इस समय टीम इंडिया में कई धाकड़ खिलाड़ी मौजूद हैं जिनके दम पर कुछ और आईसीसी ट्रॉफी जीती जा सकती हैं। अगर दो या तीन साल की बात की जाए तो भारत ने तीन आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं।
'बुमराह के बाद क्या होगा'
रेवस्पोर्ट्ज से बात करते हुए आर अश्विन को इस बात की चिंता सता रही कि भारत को शायद बुमराह जैसा दूसरा खिलाड़ी न मिले। उन्होंने कहा, हमारे पास वाइट बॉल क्रिकेट में जो बल्लेबाजों का लाइनअप है, वह बेमिसाल है। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत अगले दशक में व्हाइट बॉल क्रिकेट में कई खिताब जीतेगा। यह सब हमारी बल्लेबाजी की बदौलत ही संभव होगा। लेकिन, बुमराह के बाद क्या होगा? वह छोटे फॉर्मेट में टीम के एक निर्णायक खिलाड़ी हैं।'
बल्लेबाजी का क्रेज ज्यादा
अश्विन ने आगे कहा, मुझे चिंता है कि गेंदबाजी बल्लेबाजी जितनी आकर्षक नहीं है और शायद इसी वजह से बच्चे इस खेल को न अपनाएं। जब मैं खेल कहता हूं, तो मेरा मतलब गेंदबाजी और बल्लेबाजी से है। ये अलग-अलग खेल हैं। गेंदबाजी एक खेल के रूप में उतनी आकर्षक नहीं है। इसमें ऐसा लगता है जैसे आप लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं, छक्के मार रहे हैं। तो भला कौन सोचेगा कि गेंदबाजी से हम टूर्नामेंट या सीरीज जीत सकते हैं।
क्या अश्विन वाकई सही कह रहे हैं?
हालांकि, देखा जाए तो अश्विन कुछ ज्यादा ही चिंता कर रहे हैं। बुमराह जैसे खिलाड़ी पीढ़ी में एक बार ही आते हैं और उनका प्रभाव हमेशा गहरा महसूस होता है। उदाहरण के लिए, इमरान खान के आगमन के बाद पाकिस्तान सही मायने में तेज गेंदबाजी का देश बन गया। उन्होंने अपने देशवासियों को इतना प्रभावित किया कि एक दशक के भीतर ही पाकिस्तान ने सर्वकालिक कुछ सबसे तेज और आक्रामक तेज गेंदबाजों को जन्म देना शुरू कर दिया।
वकार यूनिस, वसीम अकरम, शोएब अख्तर, मोहम्मद जाहिद, मोहम्मद समी और कई अन्य। सच कहें तो, पिचों की अनुकूलता और बल्लेबाजों के पक्ष में बने नियमों के बावजूद बुमराह की मौजूदगी ने कई खिलाड़ियों को प्रेरित किया है। हां, उनके जैसा बनना, असाधारण लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करना आसान नहीं होगा, लेकिन उभरते हुए क्रिकेटरों को प्रेरित करने के मामले में उन्होंने भरपूर योगदान दिया है।
भारत सिर्फ बुमराह पर ही नहीं रुकने वाला। अगला बुमराह जल्द ही सामने आ सकता है। देश में हजारों पेशेवर क्रिकेटर हैं जो बीसीसीआई के भरपूर समर्थन से दिन-रात अभ्यास कर रहे हैं। अश्विन शायद बेवजह चिंतित हो रहे हैं।
