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गौतम गंभीर ने ठोका 2.5 करोड़ रुपये का मानहानी का केस, 2 ऑनलाइन शॉपिंग साइटें भी शामिल

Gautam Gambhir Deepfake: भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने दिल्ली उच्च न्यायालय में 16 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिन पर उनके डीपफेक वीडियो बनाने और साझा करने के साथ-साथ अनधिकृत रूप से उनसे संबंधित सामग्री बेचने का आरोप है। उन्होंने मुआवजे के तौर पर 2.5 करोड़ रुपये की मांग की है।

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गौतम गंभीर- फोटो- PTI

Gautam Gambhir Deepfake Video Case: टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में एक शानदार उपलब्धि हासिल की, जब वे टीम इंडिया के अब तक के सबसे सफल मुख्य कोच बन गए। जिनके नाम दो आईसीसी ट्रॉफी- चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 विश्व कप 2026 - दर्ज हैं। हालांकि, टी20 विश्व कप की बड़ी जीत के कुछ दिनों बाद ही गंभीर ने अपनी छवि के अधिकारों की रक्षा के लिए 16 आरोपियों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में मामला दर्ज कराया है।

इन 16 आरोपियों में फर्जी वीडियो बनाने वाले भी शामिल हैं, जिन्होंने डीपफेक का इस्तेमाल किया था। गौतम गंभीर इन वीडियो को होस्ट करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और भारतीय मुख्य कोच के नाम से अनधिकृत सामान बेचने वाली ई-कॉमर्स शॉपिंग साइटें भी शामिल हैं। उन्होंने हर्जाने के तौर पर 2.5 करोड़ रुपये की मांग की है और फर्जी सामग्री को तुरंत हटाने का आदेश देने की मांग की है। यह मामला अमिताभ बच्चन और अनिल कपूर जैसी हस्तियों द्वारा अपनी छवि के अधिकारों की रक्षा के लिए इसी तरह के मामले दायर करने के बाद सामने आया है।

वास्तव में क्या हुआ?

2025 के अंत में, गौतम गंभीर के बेहद वास्तविक दिखने वाले नकली वीडियो यूट्यूब, एक्स और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर सामने आने लगे। डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके एक वीडियो बनाया गया, जिसमें गंभीर भारत के मुख्य कोच पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर रहे थे। इसे 29 मिलियन से अधिक बार देखा गया। एक और नकली वीडियो सामने आया, जिसमें उन्हें वरिष्ठ क्रिकेटरों के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करते हुए दिखाया गया, जिसे भी लगभग 17 लाख बार देखा गया।

समस्या सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं थी। गंभीर की कानूनी टीम ने पाया कि दो ई-कॉमर्स जैसी प्रमुख ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइटें विक्रेताओं को उनकी अनुमति के बिना उनके नाम और तस्वीर का उपयोग करके पोस्टर और सामान बेचकर पैसे कमाने की अनुमति दे रही थीं।

गौतम गंभीर की छवि खराब करने की कोशिश

गौतम गंभीर ने भी एक बयान जारी कर इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे उनके नाम, चेहरे और आवाज का इस्तेमाल फर्जी जानकारी फैलाने और उनकी कीमत पर राजस्व उत्पन्न करने के लिए एक हथियार के रूप में किया गया है। उन्होंने कहा कि यह उनकी गरिमा का मामला है।

उन्होंने आगे कहा, 'मेरी पहचान, मेरा नाम, मेरा चेहरा, मेरी आवाज को गुमनाम खातों द्वारा गलत सूचना फैलाने और मेरी कीमत पर राजस्व उत्पन्न करने के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया है। यह कानून, गरिमा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में हर सार्वजनिक हस्ती को मिलने वाली सुरक्षा का मामला है।'

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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