Virat Kohli Ranji Trophy 2025: विराट कोहली की काली पोर्श कार सुबह ठीक नौ बजे जब यहां फिरोजशाह कोटला मैदान के ‘वीरेंद्र सहवाग गेट’ से अंदर आई तो यह दिल्ली के इस स्टार बल्लेबाज के लिए घर वापसी जैसा था जो 12 साल से अधिक समय के बाद अपनी प्रथम श्रेणी टीम के साथ अभ्यास के लिए पहुंचे।
तेज गेंदबाज नवदीप सैनी को छोड़कर दिल्ली की टीम के अन्य सभी 18 सदस्यों ने उन्हें केवल टीवी पर देखा था और यह कहानियां सुनते हुए बड़े हुए थे कि कैसे ‘चीकू’ भारतीय क्रिकेट का ‘किंग’ बन गया।पिछले 15 वर्षों में दिल्ली का ‘चीकू’ एक धुंधली याद बनकर रह गया है क्योंकि वह वैश्विक क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक ब्रांड बन गया है। वह चेहरा जिसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अपनी ओलंपिक दावेदारी की पेशकश में सबके सामने रखा।
सोमवार को वह अपने घरेलू मैदान पर लगभग तीन घंटे तक रहे और उन्होंने अपने आसपास के सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। चाहे वे युवा खिलाड़ी हों या अनुभवी मुख्य कोच सरनदीप सिंह या बल्लेबाजी कोच बंटू सिंह - सभी उनके करीब रहना चाहते थे।
भारत के पूर्व कप्तान कोहली सभी के साथ विनम्र रहे लेकिन अपने पूर्व अंडर-19 कोच महेश भाटी के साथ अधिक सहज दिखे जो इस टीम के प्रशासनिक प्रबंधक भी हैं।दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘वह बदला नहीं है। उसको छोले-पूरी पसंद थे और हमने मंगाकर रखे थे। उसने बोला छोले-पूरी नहीं खाऊंगा।’’
कोहली ने 12 वर्षों में अपने पहले रणजी मुकाबले (30 जनवरी से रेलवे के खिलाफ) से पूर्व अपने पहले अभ्यास सत्र के बाद जो खाया वह उनका पुराना पसंदीदा व्यंजन है।अधिकारी ने खुलासा किया, ‘‘अभ्यास के बाद पुराने समय की तरह कढ़ी-चावल खाया सभी के साथ।’’रणजी ट्रॉफी मुकाबलों को कवर करने के लिए घरेलू क्रिकेट को चाहने वाले लोग ही पहुंचते हैं लेकिन सोमवार को ऐसे लोगों की संख्या तीन गुनी थी।
यहीं से पड़ा था कोहली का नाम चीकू
कोहली के प्रत्येक कदम पर लोगों की नजर थी। दो कोच सरनदीप और बंटू पूरे समय उनके साथ रहे।दिल्ली क्रिकेट में ‘मामा’ के नाम से मशहूर डीडीसीए सचिव अशोक शर्मा ने कहा, ‘‘मुझे याद है कि दिल्ली रणजी टीम के तत्कालीन मैनेजर अजीत चौधरी ने 2006-07 में उनका उपनाम ‘चीकू’ रखा था।’’उन्होंने कोहली को अंडर-15 ट्रायल्स के दिनों से देखा है।कोहली को लेकर उत्साह का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि ‘जियो सिनेमा’ इस मैच की स्ट्रीमिंग की व्यवस्था कर रहा है। पहले इस मैच के स्ट्रीमिंग के लिए कोई प्रावधान नहीं था।
विराट कोहली ने जमकर किया अभ्यास
टीम ने रेलवे के खिलाफ महज औपचारिकता के मुकाबले से पहले नेट सत्र से पूर्व 35 मिनट तक वार्मअप किया। सभी ने 15 मिनट तक फुटबॉल खेला और तेज दौड़ लगाई तथा हंसी-मजाक भी किया।नेट सत्र शुरू होते ही सभी एकाग्रता से अभ्यास करने लगे। कोहली नेट पर गए जहां कप्तान आयुष बडोनी बल्लेबाजी कर रहे थे।कोहली को नेट की ओर आता देख बडोनी थोड़े असहज हो गए जिसके बाद इस स्टार बल्लेबाज ने कहा, ‘‘आयुष तुम बल्लेबाजी कर लो, फिर दोनों एक-दूसरे की जगह लेंगे।’’
कोहली ने कप्तान बनने से किया इंकार
कोहली ने इससे पहले बडोनी को सहज बनाने के लिए दिल्ली की कप्तानी से भी इनकार कर दिया । टीम के पिछले गेम में ऋषभ पंत ने ऐसा ही किया था। रोहित शर्मा ने भी मुंबई की कप्तानी नहीं की थी।कोहली ने करीब एक घंटा नेट पर बिताया। सबसे पहले उन्होंने थ्रो-डाउन का सामना किया जिस पर वह पुल शॉट खेलते रहे।
(भाषा)
