Rahu Ketu Effects and Remedies: ज्योतिष शास्त्र में राहु-केतु को छाया ग्रह या पापी ग्रह कहा जाता है। जिन लोगों की कुंडली में राहु या केतु का दोष होता है, उनके जीवन में कई तरह की मुसीबते लगी रहती है। यही कारण है कि राहु केतु का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। राहु केतु दोष से ही कालसर्प दोष का भी निर्माण होता है।
यदि आपकी कुंडली में राहु केतु ग्रह का दोष है या राहु केतु का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तो लिहाजा आपको जल्द से जल्द इसे दूर करने के उपायों को करना चाहिए, जिससे कि इसके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके। जानते हैं राहु केतु दोष को दूर करने के उपायों के बारे में।
राहु-केतु दोष उपाय
- जिन लोगों की कुंडली में राहु दोष होता है, उन्हें नीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए। वहीं केतु दोष वाले लोगों को गुलाबी रंग के कपड़े पहनने चाहिए।
- रुद्राक्ष की माला से पंचमुखी शिवजी के समक्ष ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे राहु-केतु का बुरा प्रभाव कम होता है।
- ज्योतिष के अनुसार राहु का रत्न गोमेद है। इसलिए जिनकी कुंडली में राहु दोष होता है उन्हें शनिवार के दिन गोमेद रत्न धारण करना चाहिए।
राहु-केतु दोष होने वाली समस्याएं
ज्योतिष की मानें तो, राहु दोष के कारण व्यक्ति को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान झेलना, कीमती चीजों का बार-बार खोना, अत्यधिक क्रोध आना, बार-बार मरे हुए सांप, छिपकली और पक्षी दिखाई पड़ना, नाखून कमजोर होना, पारिवारिक कलेश और मुकदमे आदि जैसी समस्याएं बढ़ने लगती है। वहीं जिसकी कुंडली में केतु ग्रह का अशुभ प्रभाव होता है या केतु ग्रह दोष होता है तो उसे शारीरिक समस्याएं झेलनी पड़ती है। ऐसे लोगों में बाल झड़ने, जोड़ों में दर्द, चर्म रोग, रीढ़ की हड्डी की समस्या, नसों में कमजोरी आदि जैसी कई बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है। यदि आपको इस तरह के संकेत नजर आए तो या शरीर में ये लक्षण दिखाई पड़े को ज्योतिष की सलाह से राहु-केतु के इन उपायों को जरूर करें। इन उपायों से राहु-केतु दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
