Tulsi Remedies For Panchami Tithi: तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि तुलसी में मां लक्ष्मी का वास होता है, इसलिए इन्हें ‘तुलसी माता’ कहा जाता है। जहां पर तुलसी पौधे की नियमित रूप से पूजा होती है, वहां पर मां लक्ष्मी वास करती हैं। साथ ही तुलसी का पौधा घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर रख सकारात्मक ऊर्जा को प्रवाहित करता है। इतना ही नहीं, तुलसी भगवान विष्णु को भी बहुत प्रिय है। तुलसी के पत्तों का भगवान विष्णु को भोग लगाने से कृपा होती है। तुलसी की पूजा करने और उनके पत्तों का भोग लगाने से मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु भी प्रसन्न रहते हैं।
जिस व्यक्ति पर भी लक्ष्मी-नारायण की कृपा रहती है, वह हर क्षेत्र में सफलता हासिल करता है। आपने तुलसी के पौधे में जल, दूध आदि चढ़ाने के बारे में जरूर सुना होगा, लेकिन क्या आपने तुलसी को गन्ने का रस अर्पित करने के बारे में सुना है। अगर नहीं तो आइए जानते हैं कि तुलसी जी को गन्ने का रस कब और कैसे अर्पित करें।
तुलसी में चढ़ाएं गन्ने का रस
ज्योतिष शास्त्र में तुलसी पूजा के महत्व के बारे में बताते हुए कहा गया है कि अगर किसी जातक को व्यापार में हानि के साथ आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है या फिर शत्रु नुकसान पहुंचा रहा हो तो उसके लिए यह उपाय बेहत फलदायी होता है। ऐसे जातक सुबह स्नान-ध्यान कर तुलसी के पौधे में गन्ने का रस अर्पित करें। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और दुखों को दूर कर व्यक्ति को हर कार्य में सफलता दिलाती हैं।
इस विधि से तुलसी को चढ़ाएं गन्ने का रस
ज्योतिष में तुलसी के पौधे में गन्ने का रस अर्पित करने की विधि भी बताई गई है। प्रति माह पंचमी तिथि के दिन तंबे के लोटे या हाथ में थोड़ा सा गन्ने का रस लेकर सात बार तुलसी को चढ़ाएं। ध्यान रखें कि हर बार तुलसी को गन्ने का रस चढाते समय अपना नाम और अपने गोत्र का नाम जरूर बोलें। इस उपाय को करने से तुलसी जी अति प्रसन्न होकर भक्तों पर जमकर कृपा बरसाती हैं। इस उपाय को पंचमी तिथि पर करने से ही इसका फल मिलता है और घर में कभी भी खुशी व धन की कमी नहीं रहती।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
