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Benefits of wearing Navaratna: नवरत्न की अंगूठी या ब्रेसलेट पहनने से क्या होता है? क्या है इससे जुड़ी ज्योतिष मान्यता

Benefits of wearing Navratna (नवरत्न पहनने के फायदे): ज्योतिष शास्त्र में जहां ग्रहों की बात होती है वहीं रत्न शास्त्र में इन ग्रहों से जुड़े रत्नों की बात होती है। इन्हीं रत्नों का मिश्रण नवरत्न कहलाता है। इससे जुड़ी हुई कई मान्यताएं और महत्ताएं हैं, जिनके बारे में आज हम आपको बताएंगे।

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Benefits of wearing Navratna In Hindi

Benefits of wearing Navratna (नवरत्न पहनने के फायदे): रत्न शास्त्र के अनुसार नवरत्न में नौ रत्न होते हैं जो क‍ि रूबी, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, नीलम, लहसुनिया, और गोमेद हैं। नवरत्न की अंगूठी या ब्रेसलेट पहनने की मान्यताएं बहुत पुरानी और लोकप्रिय हैं। भारत में इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी देखा जाता है। इससे जुड़े तथ्य कुछ इस प्रकार से हैं।

ग्रहों का अशुभ प्रभाव होता है दूर

नवरत्न की अंगूठी या ब्रेसलेट पहनने से विभिन्न ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है। हर रत्न किसी न किसी ग्रह से जुड़ा होता है और उसकी शक्ति से व्यक्ति के जीवन में शांति और समृद्धि आ सकती है।

स्वास्थ्य में सुधार

नवरत्न पहनने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार आ सकता है। प्रत्येक रत्न के विशेष गुण होते हैं, जो शरीर के अंदरूनी संतुलन को बनाए रखते हैं और रोग-दोषों से बचाव करते हैं। उदाहरण के तौर पर मूंगा रक्त और पाचन तंत्र को सुधारने में सहायक हो सकता है।

धन-संपत्ति में वृद्धि

नवरत्न की अंगूठी या ब्रेसलेट पहनने से व्यापार और आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है। पुखराज जो की बृहस्पति ग्रह का रत्न होता है और पन्ना जो कि बुध ग्रह का रत्न होता है, जो व्यक्ति को आर्थिक उन्नति और समृद्धि की दिशा में अग्रसर कर सकता है।

पारिवारिक जीवन में सुख-शांति

नवरत्न पहनने से परिवार में शांति बनी रहती है। प्रत्येक रत्न व्यक्ति की मानसिक स्थिति को शांत रख सकता है और जातकों को पारिवारिक विवाद से मुक्ति मिल सकती है। नवग्रह की ऊर्जा से जीवन में सकारात्मकता बढ़ सकती है।

मानसिक शक्ति में वृद्धि

नवरत्न पहनने से जातक की मानसिक स्थिति मजबूत हो सकती है। रत्नों के संतुलित रहने से व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता में सुधार आ सकता है और वो मानसिक तनाव से मुक्त रहता है। इसे धारण करने से बुद्धि का संचार प्रबल रूप से हो सकता है।

भाग्य में सुधार

नवरत्न के रत्नों की ऊर्जा जातक के भाग्य को मजबूत कर सकती है। ये रत्न जीवन में सुख और सफलता लाने में मदद करते हैं जिससे जातक के कार्यों में गति और सकारात्मक परिणाम आ सकते हैं। मान्यताओं के अनुसार ये रत्न दैवी कृपा भी प्रदान कर सकते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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