Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 2 September 2026 : 2 सितंबर 2026, बुधवार का दिन है। आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि सुबह 06:12 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि शुरू होगी। इस कारण आज भगवान बलराम जयंती मनाई जाएगी। जिसको हरछठ का व्रत भी आज रखा जाएगा। भरणी नक्षत्र 3 सितंबर की रात 01:43 बजे तक रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। आज ध्रुव योग रात 09:12 बजे तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग शुरू होगा। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति क्या रहने वाली है।
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)
आज सूर्य का उदय सुबह 05:59 बजे और सूर्यास्त शाम 06:42 बजे होगा। चंद्रमा का उदय रात 09:45 बजे और चन्द्रास्त सुबह 10:50 बजे होगा।
तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)
आज कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि सुबह 06:12 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि शुरू होगी। षष्ठी तिथि 3 सितंबर की सुबह 04:25 बजे तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी। भरणी नक्षत्र 3 सितंबर की रात 01:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। योग की बात करें तो ध्रुव योग रात 09:12 बजे तक रहेगा। इसके बाद व्याघात योग शुरू होगा।
करण (Karan)
तैतिल करण सुबह 06:12 बजे तक रहेगा। इसके बाद गर करण शाम 05:21 बजे तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण शुरू होगा, जो 3 सितंबर की सुबह 04:25 बजे तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण शुरू होगा।
वार एवं पक्ष (Day and Paksha)
आज बुधवार है और कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। आज भाद्रपद कृष्ण पक्ष चल रहा है। पंचमी तिथि के बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी।
चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)
आज विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। चन्द्र मास भाद्रपद (पूर्णिमान्त) और श्रावण (अमान्त) है। प्रविष्टे/गते 17 है।
राशि तथा नक्षत्र (Rashi and Nakshatra)
आज चंद्रमा मेष राशि में स्थित हैं। भरणी नक्षत्र सुबह 08:28 बजे तक पहले चरण में रहेगा। इसके बाद दूसरा चरण दोपहर 02:14 बजे तक रहेगा। इसके बाद तीसरा चरण शाम 07:59 बजे तक रहेगा। शाम 07:59 बजे के बाद भरणी का चौथा चरण शुरू होगा, जो 3 सितंबर की रात 01:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा। सूर्य सिंह राशि में स्थित हैं और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।
ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)
द्रिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु चल रही है, जबकि वैदिक ऋतु के अनुसार वर्षा ऋतु है। दक्षिणायण का प्रभाव बना हुआ है। दिनमान 12 घंटे 42 मिनट 11 सेकंड और रात्रिमान 11 घंटे 18 मिनट 18 सेकंड रहेगा। मध्याह्न 12:21 बजे होगा।
2 सितंबर के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:29 बजे से 05:14 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:52 बजे से 05:59 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: आज नहीं है।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:28 बजे से 03:18 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:42 बजे से 07:04 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:42 बजे से 07:50 बजे तक
अमृत काल: रात 09:06 बजे से 10:38 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:58 बजे से 3 सितंबर की रात 12:43 बजे तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: 3 सितंबर की रात 01:43 बजे से सुबह 06:00 बजे तक
रवि योग: 3 सितंबर की रात 01:43 बजे से सुबह 06:00 बजे तक
2 सितंबर के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)
राहुकाल: दोपहर 12:21 बजे से 01:56 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 07:35 बजे से 09:10 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक
आडल योग: 3 सितंबर की रात 01:43 बजे से सुबह 06:00 बजे तक
विडाल योग: सुबह 05:59 बजे से 3 सितंबर की रात 01:43 बजे तक
ज्वालामुखी योग: सुबह 05:59 बजे से 06:12 बजे तक
वर्ज्य: सुबह 11:54 बजे से दोपहर 01:26 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक
बाण: चोर बाण रात 10:14 बजे तक रहेगा।
भद्रा: 3 सितंबर की सुबह 04:25 बजे से 06:00 बजे तक रहेगी।
आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)
आनन्दादि योग में काण योग 3 सितंबर की रात 01:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा।
तमिल योग में मरण योग 3 सितंबर की रात 01:43 बजे तक रहेगा। इसके बाद अमृत योग शुरू होगा।
जीवनम: 3 सितंबर की रात 01:43 बजे तक निर्जीव रहेगा। इसके बाद अर्ध जीवन रहेगा।
नेत्रम: दो नेत्र रहेगा।
निवास और शूल (Nivas and Shool)
होमाहुति गुरु की रहेगी।
दिशा शूल: उत्तर दिशा में रहेगा।
चन्द्र वास: पूर्व दिशा में रहेगा।
अग्निवास: सुबह 06:12 बजे तक आकाश में रहेगा। इसके बाद पृथ्वी पर रहेगा।
राहु वास: दक्षिण-पश्चिम दिशा में रहेगा।
कुम्भ चक्र: गर्भ में रहेगा।
भद्रावास: 3 सितंबर की सुबह 04:25 बजे से स्वर्ग में रहेगा।
शिववास: सुबह 06:12 बजे तक नन्दी पर रहेगा। इसके बाद भोजन में रहेगा। 3 सितंबर की सुबह 04:25 बजे के बाद श्मशान में रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए पंचांग के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार तिथि एवं समय में मामूली अंतर संभव है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
