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Hal Chhath Mata Ki Aarti: हलछठ माता की आरती यहां पढ़ें, जानें पूजा के बाद आरती करने का सही तरीका

Hal Chhath Mata Ki Aarti : यहां पढ़ें हलछठ माता की संपूर्ण आरती। साथ ही जानें हरछठ पूजा में आरती करने का सही तरीका और महत्व।

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हलछठ माता की आरती के लिरिक्स

Hal Chhath Mata Ki Aarti: हलछठ की पूजा में मां की ममता और संतान के लिए की गई प्रार्थना का बहुत सुंदर मेल दिखाई देता है। महिलाएं दिनभर व्रत रखती हैं। पूजा स्थल पर छोटा-सा तालाब बनाया जाता है। कुश, कांस, पलाश और झरबेरी की टहनियों से हलछठ माता का प्रतीकात्मक स्वरूप सजाया जाता है। इसके बाद कथा सुनी जाती है और आखिर में हलछठ माता की आरती की जाती है।

हलछठ को हल षष्ठी, हरछठ, ललही छठ और बलराम जयंती जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह पर्व भाद्रपद यानी भादो महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में हल षष्ठी व्रत 2 सितंबर, बुधवार को रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्म हुआ था। बलराम जी का प्रमुख अस्त्र हल था, इसलिए इस पर्व का नाम हल षष्ठी पड़ा।

हल छठ माता की आरती | Hal Chhath Mata Ki Aarti In Hindi

जय षष्ठी माते, जय हलषष्ठी माते।

नीराजनममरैर्कृतमाधात्रे जाते॥ जय हल…

करुणामयि गुणशीले तिथिशीलेऽभयदे।

वचसातीतमहिम्ने वात्सल्येऽऽनन्दे॥ जय हल…

कंसभगिन्या पूज्ये चन्द्रललितसुतदे।

वंशकरे प्रभुरिवगुणयुक्तवत्सकप्रदे॥ जय हल…

वैदर्भ्याऽपि सुपूज्ये नष्टपुत्रदात्रे।

श्रीखण्डप्रसवाङ्गे वरुणामोदकरे॥ जय हल…

क्रीडनकेन भवाब्धे पूज्ये सौख्यवरे।

अम्बुयुक्तचीरैरजिरेऽजरवज्रकरे॥ जय हल…

महिषीदुग्धप्रभाऽऽर्चे वरदे धर्मधरे।

कृष्णाग्रजगुणयुक्ते शुभ्रे कृष्णप्रिये॥ जय हल…

वरुणेनादियुगेऽस्मिन् हरिश्चद्रकुलदे।

स्वानन्दे प्रामीत्योऋणत्रिशङ्कुजनने॥ जय हल…

गायन्तीति मनुष्याः तीरे चाम्बुवरे।

काले दोषविमुक्ता वरुणानन्दमये॥ जय हल…

हलछठ माता की आरती कैसे करें

पूजा और व्रत कथा पूरी होने के बाद आरती की जा सकती है। माता के चित्र या बनाए गए प्रतीकात्मक स्वरूप के सामने दीपक रखें। इसके बाद आरती की थाली को घड़ी की दिशा में प्रेमपूर्वक घुमाएं।

आरती की थाली में ये चीजें रखी जा सकती हैं:

  • घी या तेल का दीपक
  • रुई की बत्ती
  • फूल
  • रोली
  • हल्दी
  • सुगंध के लिए कपूर
  • पूजा के बाद चढ़ाया जाने वाला प्रसाद

आरती पूरी होने पर माता को प्रणाम करें। संतान को आरती दें और उसके सिर पर स्नेह से हाथ रखकर अच्छे स्वास्थ्य तथा लंबी आयु की कामना करें। परिवार के दूसरे सदस्य भी आरती ले सकते हैं।

हलछठ माता की पूजा में आरती का महत्व

पूजा की थाली सजा लेना और कथा पढ़ लेना ही इस व्रत का पूरा भाव नहीं है। आरती वह समय है, जब व्रती अपने मन की बात माता के सामने रखती हैं। कोई संतान के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती है, कोई उसकी पढ़ाई और भविष्य के लिए प्रार्थना करती है। जिन महिलाओं को संतान सुख की इच्छा होती है, वे भी श्रद्धा के साथ यह व्रत रखती हैं।

आरती करते समय बहुत कठिन नियमों में उलझने की जरूरत नहीं है। मन शांत रखें। दीपक जलाएं और परिवार के साथ मिलकर आरती पढ़ें। यदि संस्कृत के कुछ शब्द बोलने में कठिन लगें तो धीरे-धीरे पढ़ें। पूजा में शब्दों की तेजी से अधिक मन का भाव मायने रखता है।

हलछठ माता की फोटो कैसी होती है

अलग-अलग क्षेत्रों में हलछठ माता का स्वरूप थोड़ा बदल सकता है। कहीं दीवार पर पारंपरिक चित्र बनाया जाता है तो कहीं बाजार से मिला छपा हुआ चित्र पूजा में रखा जाता है। इन चित्रों में आमतौर पर माता, संतान, गाय-बछड़ा, किसान, हल और खेत से जुड़े प्रतीक दिखाई देते हैं।

हर छठ माता पूजा फोटो

हर छठ माता पूजा फोटो

यदि हलछठ माता की फोटो उपलब्ध न हो तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। परंपरा के अनुसार मिट्टी का छोटा तालाब बनाकर उसके पास कुश, कांस, पलाश और झरबेरी की टहनियां लगाई जा सकती हैं। इसी प्रतीकात्मक स्वरूप को हलछठ माता मानकर पूजा की जाती है। कई घरों में महिलाएं गेरू या रंगों से दीवार पर माता का चित्र भी बनाती हैं।

हलछठ माता की आरती के बाद क्या करें

आरती के बाद हलछठ माता से अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांगें। व्रत कथा का प्रसाद श्रद्धापूर्वक बांटें। इस दिन भोजन और प्रसाद से जुड़े नियम स्थान तथा पारिवारिक परंपरा के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए घर की बुजुर्ग महिला या स्थानीय पंडित से अपनी परंपरा जरूर पूछ लें।

नोट: धार्मिक परंपराएं क्षेत्र और परिवार के अनुसार अलग हो सकती हैं। लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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