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September 2026 Vivah Muhurat: सितंबर 2026 में विवाह के मुहूर्त हैं या नहीं, जानें शादी डेट्स पर पंचांग से क्या जानकारी मिली है

September 2026 Shadi Vivah Muhurat: सितंबर 2026 में विवाह का कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। जानें शादी की तारीखें न होने का कारण और नवंबर से कब शुरू होंगे विवाह मुहूर्त।

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सितंबर 2026 में शादी विवाह मुहूर्त क्यों नहीं हैं

September 2026 Vivah Muhurat: सितंबर का महीना आते ही मौसम में हल्की नरमी महसूस होने लगती है। बारिश विदाई की ओर बढ़ती है और त्योहारों की रौनक दिखाई देने लगती है। ऐसे में कई परिवार शादी की तारीख तलाशना शुरू कर देते हैं। खासकर वे लोग, जो साल के आखिरी महीनों में विवाह की योजना बना रहे हैं। लेकिन पंचांग की मानें तो सितंबर 2026 में शादी की शहनाई बजाने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।

सितंबर 2026 में एक भी पारंपरिक शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। पूरे महीने चातुर्मास रहेगा। इस अवधि में हिंदू धर्म में विवाह जैसे मांगलिक संस्कार करने की परंपरा नहीं है।

सितंबर 2026 विवाह मुहूर्त की पूरी लिस्ट

सितंबर 2026 के विवाह मुहूर्त खोज रहे लोगों के लिए सीधा जवाब है कि इस महीने शादी की कोई शुभ तारीख नहीं है। विभिन्न उत्तर भारतीय पंचांगों में सितंबर को विवाह के लिए निषिद्ध बताया गया है। दृक पंचांग के विवाह कैलेंडर में भी सितंबर 2026 में कोई शुभ विवाह मुहूर्त नहीं दिया गया है।

  • सितंबर 2026 में कुल विवाह मुहूर्त: कोई नहीं
  • विवाह न होने का प्रमुख कारण: चातुर्मास
  • देवउठनी एकादशी 2026: 20 नवंबर
  • दोबारा विवाह मुहूर्त शुरू होने का समय: नवंबर 2026 का उत्तरार्ध

सितंबर 2026 में शादी-विवाह क्यों नहीं होंगे

चातुर्मास की शुरुआत देवशयनी एकादशी से होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। भगवान विष्णु को जगत का पालनकर्ता और मांगलिक कार्यों का साक्षी माना गया है। इसी वजह से उनके शयनकाल में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे बड़े संस्कार सामान्यतः नहीं किए जाते।

वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को मनाई गई। इसके बाद चातुर्मास शुरू हो गया। सितंबर का पूरा महीना इसी अवधि में आएगा। हालांकि इस दौरान जन्माष्टमी, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और अनंत चतुर्दशी जैसे बड़े पर्व पड़ेंगे, लेकिन त्योहार की शुभता को विवाह मुहूर्त नहीं माना जाता।

यही वह बात है, जहां अक्सर भ्रम पैदा होता है। किसी दिन शुभ योग होना और उस दिन विवाह मुहूर्त होना एक बात नहीं है। विवाह के लिए तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्य की स्थिति और वर-वधू की कुंडली सहित कई बातों का ध्यान रखा जाता है।

क्या गणेश चतुर्थी पर शादी कर सकते हैं

गणेश चतुर्थी नई शुरुआत और भगवान गणेश की आराधना का बड़ा पर्व है। फिर भी सितंबर 2026 की गणेश चतुर्थी को सामान्य विवाह मुहूर्त नहीं माना गया है। केवल त्योहार होने के कारण उस तारीख को शादी के लिए चुनना ठीक नहीं होगा।

इसी तरह हरतालिका तीज दांपत्य सुख और अखंड सौभाग्य से जुड़ा व्रत है, लेकिन इस दिन भी विवाह करने का सार्वभौमिक मुहूर्त नहीं है। यदि किसी परिवार में विशेष परंपरा या स्थानीय पंचांग के आधार पर विवाह किया जाता है, तो कुल पुरोहित की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

सितंबर में शादी करनी जरूरी हो तो क्या करें

कई बार विदेश यात्रा, नौकरी, स्वास्थ्य या पारिवारिक परिस्थिति के कारण तारीख आगे बढ़ाना संभव नहीं होता। ऐसे में परिवार कोर्ट मैरिज या रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं और वैदिक विवाह संस्कार बाद में शुभ मुहूर्त में रख सकते हैं। कुछ समुदायों में चातुर्मास को लेकर अलग नियम भी हो सकते हैं।

ऐसी परिस्थिति में ये कदम उपयोगी रहेंगे:

  • वर और वधू की जन्म कुंडली दिखाएं।
  • स्थानीय पंचांग के अनुसार तारीख की जांच कराएं।
  • परिवार के कुल पुरोहित से परंपरा समझें।
  • केवल इंटरनेट पर मिले सामान्य शुभ समय के आधार पर फेरे तय न करें।
  • विवाह और रिसेप्शन अलग-अलग तारीखों पर रखने के विकल्प पर विचार करें।

2026 में दोबारा शादी के मुहूर्त कब शुरू होंगे

देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026 को है। इस दिन भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने की मान्यता है और चातुर्मास समाप्त होता है। इसके बाद तुलसी विवाह के साथ मांगलिक कार्यों का सिलसिला फिर शुरू हो जाता है। पंचांगों में 21 नवंबर से विवाह की शुभ तारीखें मिलनी शुरू होती हैं। नवंबर में 21, 24, 25 और 26 तारीख विवाह के लिए प्रमुख बताई गई हैं।

इसलिए सितंबर 2026 में विवाह की योजना बना रहे परिवार जल्दबाजी न करें। चाहें तो इस महीने रोका, सगाई की सामान्य रस्म, खरीदारी और विवाह स्थल की बुकिंग पूरी कर सकते हैं। फेरे नवंबर या दिसंबर के शुभ विवाह मुहूर्त में रखे जा सकते हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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