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मानसून में वायरल हो रहा मुलेठी और दही वाला हेयर हैक, क्या सच में बालों के लिए है फायदेमंद?

मानसून में बालों की देखभाल के लिए ज्यादा जरूरी है कि स्कैल्प को साफ और सूखा रखा जाए, पसीने और गंदगी को जमा न होने दें, गीले बालों को लंबे समय तक बांधकर न रखें ।

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मानसून में वायरल हो रहा है दही और मुलेठी वाला हैक (Photo: iStock)

मानसून में बालों से जुड़े घरेलू नुस्खों की बाढ़ आ जाती है। लोग हेयर केयर के लिए तरह-तरह के नुस्खे बताते हैं। ये वायरल भी खूब होता है। इसी कड़ी में मुलेठी और दही का हेयर पैक भी एक घरेलू हैक के तौर पर चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि यह हैक बालों को मुलायम बनाने और रूखेपन को कम करने में मदद कर सकता है। बहुत से लोगों के मन में सवाल है कि क्या मुलेठी और दही का यह कॉम्बिनेशन वाकई बालों के लिए फायदेमंद है या सोशल मीडिया का एक और ट्रेंड है?

मुलेठी में क्या खास है?

मुलेठी को पारंपरिक रूप से स्किन और स्वास्थ्य से जुड़े कई घरेलू उपायों में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें कुछ ऐसे बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सिडेंट गुणों की चर्चा वैज्ञानिक साहित्य में मिलती है। यही वजह है कि मुलेठी को स्कैल्प के लिए इस्तेमाल करने का विचार पूरी तरह बेतुका नहीं है।

दही बालों को कैसे फायदा पहुंचा सकता है?

दही में प्रोटीन और लैक्टिक एसिड मौजूद होते हैं। इसे बालों पर लगाने से बालों की सतह पर अस्थायी रूप से मुलायमपन और कंडीशनिंग का एहसास हो सकता है। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा की ऊपरी परत पर मौजूद मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। खासकर मानसून में जब बालों में नमी के कारण वे रूखे या उलझे हुए महसूस हो सकते हैं, दही वाला पैक कुछ लोगों को बालों को ज्यादा सॉफ्ट महसूस करा सकता है।

तो क्या दोनों को मिलाकर लगाना सही है?

अगर किसी व्यक्ति को मुलेठी या डेयरी प्रोडक्ट से एलर्जी नहीं है, तो कभी-कभार लगाया गया ऐसा घरेलू पैक सामान्य तौर पर कुछ लोगों के लिए कंडीशनिंग अनुभव दे सकता है। दूसरी तरफ ऑयली स्कैल्प, डैंड्रफ, सेबोरिक डर्मेटाइटिस या किसी तरह की एलर्जी वाले व्यक्ति को ऐसे प्रयोगों से समस्या बढ़ सकती है।

खासकर मानसून में स्कैल्प पर लंबे समय तक कोई गीला मिश्रण लगाए रखना उचित नहीं है। अगर इसे आजमाना ही है तो पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है और जलन, खुजली या लालिमा होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।

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वायरल हैक और वैज्ञानिक सच में फर्क समझें

मुलेठी और दही को बालों के लिए इस्तेमाल करने से कुछ लोगों को मुलायमपन या आराम महसूस हो सकता है, लेकिन इसे हेयर फॉल, डैंड्रफ या गंजेपन का इलाज बताना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं होगा।

मानसून में बालों की देखभाल के लिए ज्यादा जरूरी है कि स्कैल्प को साफ और सूखा रखा जाए, पसीने और गंदगी को जमा न होने दें, गीले बालों को लंबे समय तक बांधकर न रखें और समस्या लगातार बनी रहने पर डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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