Mann ki Baat PM Modi, Amla Benefits: आंवला कोई नया फल नहीं है। भारतीय घरों में इसका इस्तेमाल अचार, मुरब्बे, चटनी, जूस और च्यवनप्राश जैसे कई रूपों में लंबे समय से होता आया है। लेकिन इन दिनों उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का आंवला फिर चर्चा में है। इसकी वजह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया मन की बात कार्यक्रम, जिसमें उन्होंने प्रतापगढ़ के आंवला उत्पादन और उससे जुड़े स्थानीय कारोबार का उल्लेख किया। उन्होंने आंवले को आम भारतीय घरों से जुड़ा फल बताते हुए प्रतापगढ़ में इसके जरिए बन रहे नए अवसरों की बात की।
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प्रतापगढ़ का आंवला क्यों है खास?
प्रतापगढ़ और आंवले का रिश्ता काफी पुराना है। प्रधानमंत्री के संबोधन के अनुसार, यहां किसान पीढ़ियों से आंवले की खेती करते आ रहे हैं। खास बात यह है कि यहां कहानी सिर्फ फल की नहीं है। आंवले से कैंडी, मुरब्बा, अचार, जूस और दूसरे खाद्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। यानी खेत में पैदा होने वाला एक साधारण फल स्थानीय लोगों के लिए कारोबार का जरिया भी बन रहा है।
सेहत का खजाना है आंवला
आंवला विटामिन सी, फाइबर और कई पौधों से मिलने वाले यौगिकों का स्रोत है। इसे संतुलित खानपान का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि किसी एक फल को हर बीमारी का इलाज मानना सही नहीं है। आंवला खाने का आसान तरीका है कि इसे धोकर सीधे खाएं। बहुत खट्टा लगे तो सलाद में काटकर डाल सकते हैं। आंवले की चटनी, घर का अचार या बिना ज्यादा चीनी वाला मुरब्बा भी विकल्प हो सकता है। जूस लेते समय अतिरिक्त चीनी की मात्रा पर ध्यान देना बेहतर है।
1 किलो आंवले का रेट क्या है
खुले बाजार और ऑनलाइन स्टोर पर ताजा आंवला लगभग ₹60 से ₹250 प्रति किलोग्राम तक मिल रहा है, जबकि स्थानीय मंडियों में इसका थोक भाव अलग हो सकता है। उपलब्ध मंडी आंकड़ों के मुताबिक 19 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ मंडी में आंवले का भाव ₹1,900 प्रति क्विंटल, यानी करीब ₹19 प्रति किलो दर्ज हुआ था।
आंवले को डाइट में शामिल करना है तो आप ताजा फल, कम चीनी वाली चटनी या सीमित मात्रा में घरेलू अचार जैसे आसान विकल्प अपना सकते हैं। बस स्वाद के चक्कर में आंवले से बने मीठे उत्पादों में मौजूद अतिरिक्त चीनी को नजरअंदाज न करें।
