जूनागढ़ जिले के विसावदर तालुका स्थित प्रेमपरा गांव की सीमा में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पुलिस जांच को बेहद उलझा दिया है। खेत की झोपड़ी में एक महिला की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई, जिसके बाद मुख्य ने भी जहर पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच और मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए डेथ डिक्लेरेशन में दोनों के बीच डेढ़ साल से चल रहे अवैध संबंधों और साथ न रह पाने के कारण मौत का खौफनाक कदम उठाने की बात सामने आई है। मृतका की पहचान सुमिताबेन चंद्रसिंह गोहिल के रूप में हुई है, जबकि आरोपी अर्जुनभाई गोविंदभाई वाडेलिया नाते में महिला का चाचा ससुर की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।
खेत की झोपड़ी में खाट पर खून से लथपथ मिली लाश
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 24 सितंबर को मृतका के पति चंद्रसिंह अपने बड़े बेटे के साथ काम के सिलसिले में जेतलवड गए थे। दोपहर करीब 1:30 बजे उनके छोटे बेटे भौतिक ने फोन कर सूचना दी कि मां खेत में खून से लथपथ हालत में पड़ी हैं। जब चंद्रसिंह मौके पर पहुंचे, तो खेत की झोपड़ी में खाट पर सुमिताबेन का गला कटा हुआ शव मिला। 108 एम्बुलेंस की टीम ने मौके पर ही उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के तुरंत बाद खबर आई कि रिश्ते में मृतका के चाचा ससुर लगने वाले अर्जुनभाई ने भी ज़हर खा लिया है। उसे गंभीर हालत में जूनागढ़ सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिनों तक चले इलाज के बाद उसकी भी मौत हो गई।
"साथ नहीं रह सके, तो कत्ल का फैसला किया"
जूनागढ़ के डिप्टी एसपी (DySP) हितेश धांधलिया के अनुसार, अस्पताल में मौत से जूझ रहे आरोपी अर्जुनभाई ने कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए अपने अंतिम बयान में चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी ने स्वीकार किया कि सुमिताबेन और उसके बीच पिछले डेढ़ साल से प्रेम संबंध चल रहा था। दोनों रिश्तेदार थे, इसलिए उनका प्यार सार्वजनिक नहीं हो सकता था और न ही वे साथ रह सकते थे। आरोपी का दावा है कि सुमिताबेन ने ही उससे पहले उसे मारने और फिर खुद जान देने की बात कही थी, जिसके बाद उसने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। पुलिस ने मामले में खोजी कुत्तों की मदद से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है।
जांच में दूसरा एंगल भी आया सामने
हालांकि आरोपी ने इसे 'म्यूचुअल सुसाइड' का रूप देने की कोशिश की है, लेकिन पुलिस सूत्र अन्य आपराधिक पहलुओं की भी बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, अर्जुनभाई अविवाहित था और उस पर भारी आर्थिक संकट के साथ-साथ जमीन से जुड़ा विवाद भी चल रहा था। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि क्या अर्जुनभाई ने आर्थिक या अन्य व्यक्तिगत कारणों से एकतरफा विवाद में महिला की हत्या की और फिर कानूनी कार्रवाई के डर से जहर पीकर आत्महत्या कर ली। दोनों मुख्य किरदारों की मौत हो जाने से पुलिस के सामने कत्ल की असली वजह को साबित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। DySP हितेश धांधलिया ने बताया कि चूंकि मुख्य आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है, इसलिए कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस अब इस मामले में 'एबेटेड समरी' फाइल करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
