How to Grow Peanuts at Home: घर की बालकनी में धनिया, पुदीना, टमाटर या मिर्च उगाना अब आम बात हो गई है। लेकिन क्या आपने कभी गमले में मूंगफली उगाने के बारे में सोचा है? सुनने में यह थोड़ा मुश्किल लग सकता है, क्योंकि मूंगफली जमीन के अंदर तैयार होती है। मगर सही गमला और हल्की मिट्टी मिल जाए तो इसे घर पर भी उगाया जा सकता है।
Urban Gardening के यूट्यूब वीडियो में मूंगफली उगाने का ऐसा ही आसान तरीका बताया गया है। इस प्रयोग की सबसे दिलचस्प बात पौधे की हरियाली नहीं, बल्कि मिट्टी हटाने के बाद जड़ों से लगी मूंगफलियां देखना है। बच्चों के साथ किया जाए तो यह घर का छोटा-सा gardening project भी बन सकता है।
गमले में मूंगफली उगाने के लिए क्या चाहिए
बहुत ज्यादा सामान जुटाने की जरूरत नहीं है। शुरुआत इन चीजों से की जा सकती है:
- कच्ची और बिना भुनी हुई मूंगफली
- चौड़ा गमला या ग्रो बैग
- भुरभुरी मिट्टी
- वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद
- रेत या कोकोपीट
- पानी के निकास की सही व्यवस्था
- रोज कम से कम 5 से 6 घंटे की धूप
ध्यान रहे कि बाजार में मिलने वाली नमकीन, भुनी या प्रोसेस्ड मूंगफली बीज के रूप में काम नहीं करेगी। बोने के लिए साबुत और कच्चे दाने ही चुनें। दाने के ऊपर की पतली गुलाबी परत हटाने या उसे नुकसान पहुंचाने से भी बचें।
मूंगफली के लिए कैसा गमला लेना चाहिए
मूंगफली का पौधा ऊपर बहुत लंबा नहीं होता, लेकिन उसकी शाखाएं आसपास फैलती हैं। फूल आने के बाद पौधे से पतली डंडीनुमा संरचना नीचे मिट्टी में जाती है। इसे ‘पेग’ कहा जाता है। इसी के सिरे पर जमीन के अंदर फलियां बनती हैं। इसलिए संकरे और बहुत छोटे गमले में अच्छी फसल मिलने की उम्मीद कम रहती है।
| जरूरत | सही विकल्प |
|---|---|
| गमले की चौड़ाई | लगभग 16 से 20 इंच |
| गहराई | कम से कम 10 से 12 इंच |
| बेहतर विकल्प | चौड़ा ग्रो बैग या टब |
| ड्रेनेज | नीचे कई छेद जरूरी |
| एक गमले में पौधे | आकार के अनुसार 2 से 4 |
गमला जितना चौड़ा होगा, पौधे की शाखाओं और फलियों को बनने के लिए उतनी ही जगह मिलेगी। बहुत गहरा गमला लेने से ज्यादा जरूरी उसकी चौड़ाई और मिट्टी का मुलायम होना है।
मूंगफली के पौधे के लिए मिट्टी कैसे तैयार करें
इस पौधे की असली जरूरत भारी खाद नहीं, बल्कि ऐसी मिट्टी है जिसमें पानी रुकता न हो और फलियां आसानी से बन सकें। कृषि संबंधी स्रोत भी मूंगफली के लिए अच्छी जल निकासी वाली बलुई दोमट मिट्टी को बेहतर मानते हैं। ICAR और राजस्थान कृषि परियोजना की ग्राउंडनट रिपोर्ट में भी हल्की, अच्छी drainage वाली मिट्टी को उपयुक्त बताया गया है।
घर पर यह आसान मिश्रण बनाया जा सकता है:
- 40 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी
- 30 प्रतिशत वर्मीकम्पोस्ट या पुरानी गोबर की खाद
- 20 प्रतिशत मोटी रेत
- 10 प्रतिशत कोकोपीट
मिट्टी को हाथ में दबाने पर वह चिपकने के बजाय आसानी से बिखरनी चाहिए। बहुत चिकनी या सख्त मिट्टी में पौधा तो बढ़ सकता है, लेकिन जमीन के अंदर मूंगफलियां ठीक से विकसित नहीं हो पातीं।
कच्ची मूंगफली लगाने का सही तरीका
सबसे पहले अच्छी और साबुत फलियों से बड़े दाने निकाल लें। इन्हें लगभग एक से डेढ़ इंच की गहराई पर बोएं। एक जगह बहुत सारे बीज डालने के बजाय उनके बीच करीब 5 से 6 इंच का अंतर रखें।
बीज बोने के बाद हल्की मिट्टी से ढकें और धीरे-धीरे पानी दें। तेज धार डालने पर बीज अपनी जगह से हट सकते हैं। मिट्टी में नमी बनी रहनी चाहिए, लेकिन गमला लगातार गीला नहीं रहना चाहिए। गर्म और अनुकूल मौसम में लगभग एक सप्ताह के आसपास अंकुर दिखाई देने लग सकते हैं।
पौधे में फूल आने के बाद करें यह जरूरी काम
मूंगफली के पौधे पर छोटे पीले फूल आते हैं। फूल सूखने के बाद उनसे निकली पतली पेग नीचे की ओर बढ़ती है और मिट्टी में प्रवेश करती है। यहीं घर के नए gardeners अक्सर गलती कर देते हैं। वे गमले की मिट्टी को सख्त छोड़ देते हैं या उसे बार-बार खोदते रहते हैं।
फूल आने के बाद पौधे के आसपास थोड़ी मुलायम मिट्टी चढ़ा दें। इससे पेग को अंदर जाने और फलियां बनाने के लिए जगह मिलती है। Utah State University Extension भी पौधा बढ़ने पर उसके आसपास मिट्टी चढ़ाने की सलाह देता है।
मूंगफली के पौधे में कितना पानी और धूप चाहिए
गमले को ऐसी जगह रखें जहां अच्छी सीधी धूप आती हो। कम रोशनी में पौधा हरा तो रह सकता है, लेकिन फूल और फलियां कम बनने का खतरा रहता है।
पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी सतह को छूकर देखें। वह हल्की सूखी लगे तभी पानी दें। मानसून में गमले की ट्रे में जमा पानी तुरंत निकाल दें। जलभराव होने पर जड़ों के सड़ने और फंगस लगने का डर रहता है।
घर की मूंगफली कब तैयार होगी
मूंगफली तैयार होने में किस्म और मौसम के अनुसार करीब 100 से 130 दिन लग सकते हैं। पौधे की पत्तियां पीली पड़ने लगें या इसकी ग्रोथ रुक जाए तो कटाई का समय पास हो सकता है।
मिट्टी थोड़ी सूखने दें और फिर पौधे को जड़ समेत धीरे से बाहर निकालें। जड़ों के साथ छोटी-छोटी फलियां लगी दिखाई देंगी। इन्हें अलग करके साफ करें और कुछ दिनों तक हवादार छाया में सुखाएं। पहली बार पैदावार बाजार जैसी भरपूर न भी हो, तब भी अपनी बालकनी की मिट्टी से मूंगफली निकालने का अनुभव अपने आप में कमाल का होता है। यही घर की gardening का असली मजा भी है।
