Moon Transit in Aries 2026: 28 सितंबर 2026 की सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर चंद्रमा ने मेष राशि में प्रवेश किया है। इसके साथ ही चंद्रमा का भ्रमणकाल मीन से बदलकर मेष में हो गया। वह 30 सितंबर की दोपहर करीब 1:13 बजे तक मेष राशि में रहेंगे। वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं, सोच, मानसिक स्थिति और रोजमर्रा के अनुभवों का कारक माना जाता है। वहीं, मेष राशि मंगल के स्वामित्व वाली राशि है, जिसे ऊर्जा, साहस, पहल और तेजी से जोड़ा जाता है। ऐसे में चंद्रमा के मेष में आने पर सोच में तेजी, फैसलों में सक्रियता और काम को तुरंत पूरा करने की इच्छा बढ़ती है। आइए जानते हैं कि यह योग किन राशि वालों के लिए शुभ रहेगा।
मिथुन राशि से मेष ग्यारहवें भाव में आता है। ग्यारहवां भाव आय, लाभ, बड़े संपर्क, नेटवर्क और इच्छाओं की पूर्ति से जुड़ा माना जाता है। इस कारण चंद्रमा का यह गोचर आपकी कमाई और प्रोफेशनल नेटवर्क के लिहाज से अच्छा रहेगा। काम के सिलसिले में नए लोगों से संपर्क बनेंगे और कोई पुराना कॉन्टैक्ट दोबारा फायदा पहुंचा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ आर्थिक लाभ मिल सकता है। बिजनेस करने वालों के लिए क्लाइंट नेटवर्क बढ़ाने का समय रहेगा। सोशल मीडिया, मार्केटिंग और पब्लिक डीलिंग से जुड़े कामों में भी फायदा मिलेगा।
कर्क राशि से मेष दसवां भाव है। यह भाव नौकरी, बिजनेस, पद, प्रतिष्ठा और करियर का प्रतिनिधित्व करता है। इस कारण चंद्रमा का मेष में प्रवेश इस राशि के जातकों के प्रोफेशनल जीवन को सक्रिय करेगा। ऑफिस में पेंडिंग काम तेजी से पूरे होंगे। नई जिम्मेदारी मिलने के साथ अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। बिजनेस करने वालों के लिए किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात काम का रास्ता खोल सकती है। जो लोग नौकरी बदलने या किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए भी समय सकारात्मक रहेगा।
सिंह राशि से मेष आठवां नहीं, बल्कि नवम से पहले का छठा भाव बनता है। छठा भाव नौकरी, प्रतियोगिता, कर्ज, विरोधियों और संघर्ष से जुड़ा है। यहां चंद्रमा की स्थिति सिंह राशि वालों को मुश्किल परिस्थितियों में तेजी से समाधान खोजने की क्षमता देगी। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों का फोकस मजबूत रहेगा। ऑफिस में विरोध या दबाव की स्थिति आने पर आप उसका सामना बेहतर तरीके से कर पाएंगे। कर्ज या पुराने विवाद से जुड़े किसी मामले को सुलझाने की दिशा में भी प्रगति होगी। हालांकि गुस्से में फैसला लेने से बचना जरूरी रहेगा।
तुला राशि से मेष सातवां भाव है। यह विवाह, जीवनसाथी, बिजनेस पार्टनरशिप और पब्लिक डीलिंग का भाव माना जाता है। चंद्रमा का यहां गोचर रिश्तों में बातचीत और एक-दूसरे को समझने की इच्छा बढ़ाएगा। दांपत्य जीवन में किसी पुरानी गलतफहमी को दूर करने का मौका मिलेगा। बिजनेस पार्टनर के साथ मिलकर कोई महत्वपूर्ण योजना बनाई जा सकती है। जिन लोगों का काम क्लाइंट या जनता से सीधे बातचीत करने से जुड़ा है, उनके लिए भी यह गोचर मददगार रहेगा। नए रिश्ते की शुरुआत के लिहाज से भी समय सकारात्मक नजर आ रहा है।
कुंभ राशि से मेष तीसरे भाव में आता है। तीसरा भाव साहस, प्रयास, कम्युनिकेशन, छोटे सफर और स्किल का होता है। चंद्रमा यहां व्यक्ति को सक्रिय और अपने फैसलों को लागू करने वाला बनाता है। इस दौरान रुके हुए काम पूरे करने के लिए पहल बढ़ेगी। लेखन, पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया, मार्केटिंग, सेल्स और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को फायदा मिलेगा। भाई-बहन या करीबी लोगों से सहयोग मिल सकता है। किसी छोटी यात्रा के जरिए काम का नया अवसर भी सामने आ सकता है।
धनु राशि से मेष पांचवें भाव में आता है। पंचम भाव शिक्षा, बुद्धि, क्रिएटिविटी, प्रेम और संतान से जुड़ा है। इस कारण चंद्रमा का यह गोचर विद्यार्थियों और रचनात्मक क्षेत्र में काम करने वालों के लिए खास रहेगा। पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और किसी कठिन विषय को समझने में मदद मिलेगी। लेखक, कंटेंट क्रिएटर, मीडिया प्रोफेशनल, डिजाइनर और कलाकार अपने काम में नए आइडिया का इस्तेमाल कर पाएंगे। प्रेम संबंधों में भी बातचीत बढ़ेगी और संतान से जुड़ी किसी बात से खुशी मिल सकती है।कुंभ राशिकुंभ राशि से मेष तीसरे भाव में आता है। तीसरा भाव साहस, प्रयास, कम्युनिकेशन, छोटे सफर और स्किल का होता है। चंद्रमा यहां व्यक्ति को सक्रिय और अपने फैसलों को लागू करने वाला बनाता है। इस दौरान रुके हुए काम पूरे करने के लिए पहल बढ़ेगी। लेखन, पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया, मार्केटिंग, सेल्स और कम्युनिकेशन से जुड़े लोगों को फायदा मिलेगा। भाई-बहन या करीबी लोगों से सहयोग मिल सकता है। किसी छोटी यात्रा के जरिए काम का नया अवसर भी सामने आ सकता है।