भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) द्वारा आयोजित हिंदी पखवाड़ा-2026 के समापन समारोह में भारत में ICCR छात्रवृत्ति के तहत अध्ययन कर रहे लगभग 30 देशों के विदेशी विद्यार्थियों ने हिंदी के माध्यम से भारत के प्रति अपने अनुभव और आत्मीयता साझा की।
हिंदी पखवाड़े की गतिविधियों में शामिल हुए विदेशी छात्र
ICCR की छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत भारत में अध्ययनरत विदेशी छात्रों को पहली बार हिंदी पखवाड़े की गतिविधियों में शामिल किया गया। विद्यार्थियों के लिए हिंदी निबंध लेखन सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें उन्होंने भारत के साथ अपने अनुभवों को हिंदी में अभिव्यक्त किया। विदेशी विद्यार्थियों ने कहा “भारत हमारे दिल में बसता है। हमने भारत को केवल एक देश के रूप में नहीं, बल्कि अपनी शिक्षा, संस्कृति, संगीत, योग, कला और मानवीय संबंधों के माध्यम से महसूस किया है।”
केवल संवाद की भाषा नहीं हिंदी
ICCR की महानिदेशक नंदिनी सिंगला ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, संवेदना और विविधता को दुनिया से जोड़ने वाला माध्यम है। विदेशी छात्रों की सक्रिय भागीदारी भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को और मजबूत करती है। ICCR के अपर महानिदेशक डॉ. राजेश रंजन ने कहा कि विदेशी विद्यार्थियों द्वारा हिंदी में अपने अनुभव साझा करना भारत और विश्व के बीच मजबूत होते सांस्कृतिक संबंधों का उदाहरण है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति को करीब से समझने का अवसर देते हैं।
सात पद्मश्री विभूतियां एक मंच पर
समापन समारोह की विशेषता सात पद्मश्री सम्मानित विभूतियों की सहभागिता रही। कला, संस्कृति, संगीत, हिंदी, चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों की इन प्रतिष्ठित विभूतियों ने विदेशी विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उन्हें अपने अनुभवों से प्रेरित किया। ICCR के आधिकारिक कार्यक्रम विवरण के अनुसार, पद्मश्री विभूतियों द्वारा विदेशी छात्रों का मार्गदर्शन भी कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा।
सभी विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र
14 से 28 सितंबर 2026 तक आयोजित हिंदी पखवाड़े के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और विदेशी विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। समापन समारोह में सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन हिंदी की वैश्विक पहुंच और भारत की सॉफ्ट पावर एवं सांस्कृतिक कूटनीति का जीवंत उदाहरण बना, जहां दुनिया के विभिन्न देशों से आए विद्यार्थी एक मंच पर हिंदी के माध्यम से भारत से अपने जुड़ाव की कहानी साझा करते दिखाई दिए।
