मुंबई की MIDC पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 37.17 करोड़ रुपये मूल्य की 12 किलो 390 ग्राम केटामाइन ड्रग्स जप्त करते हुए मुंबई एयरपोर्ट इलाके दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान अदनान अहमद नियाज अहमद सिद्दीकी(35) और सौद मुश्ताक मनियार(29) के रूप में हुई है
पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े ने बताया कि यह पूरा सिंडिकेट थाईलैंड में बैठे मुख्य सरगना द्वारा संचालित किया जा रहा था और गिरफ्तार आरोपी उसके निर्देश पर मुंबई का बैठकर काम कर रहे थे। MIDC पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस निरीक्षक खोलम और उनकी टीम अंधेरी पूर्व स्थित अंधेरी-कुर्ला रोड पर एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास गश्त कर रही थी। साकीनाका की तरफ जाने वाले फुटपाथ पर दो व्यक्ति सूटकेस बैग लेकर संदेहास्पद तरीके से घूम रहे थे।
पुलिस को देखकर दोनों तेजी से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने मौके पर ही घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सख्ती से की गई तलाशी में उनके बैग से सफेद रंग का क्रिस्टल पाउडर बरामद हुआ। तीव्र गंध वाले इस पाउडर की जांच करने पर उसके केटामाइन होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके से ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
खाने के सामान में छुपाकर ऐसे होती थी तस्करी
जांच में सिंडिकेट की बेहद हैरान करने वाली कार्यशैली सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी केटामाइन को बिक्री, परिवहन और अवैध व्यापार के उद्देश्य से अपने कब्जे में रखे हुए थे। जब्त किए गए 12 किलो 390 ग्राम केटामाइन की अनुमानित कीमत ₹37,17,00,000 बताई गई है। इस मामले में MIDC पुलिस थाने में FIR क्रमांक 1075/2026 दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ NDPS Act, 1985 की धारा 8(c), 22(c) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया हैआरोपी फार्मा कंपनियों से केटामाइन एकत्र कर उसे एल्युमिनियम फॉयल वाले पैकेट्स में भरकर अलग-अलग खाद्य पदार्थों में छिपाते थे। एल्युमिनियम फॉयल की वजह से एयरपोर्ट स्कैनर में यह केटामाइन डिटेक्ट नहीं हो पाता था।
तस्कर टूरिस्ट और जॉब कंसल्टेंसी कंपनियों से थाईलैंड जाने वाले यात्रियों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद यात्रियों को झांसा दिया जाता था कि उनका गोल्ड इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का बिजनेस है और थाईलैंड में उनके रिश्तेदारों तक सूटकेस पहुँचाना है, जिसके बदले उन्हें वापसी में सोना लाना होगा। हर ट्रिप के लिए यात्रियों (कैरियर्स) को 1 लाख रुपये का कमीशन दिया जाता था। सिंडिकेट हर बार नए और निर्दोष यात्री का इस्तेमाल करता था।
100 करोड़ की ड्रग्स भेज चुके हैं आरोपी
जांच से पता चला है कि थाईलैंड में केटामाइन का इस्तेमाल हाई-प्रोफाइल पार्टी ड्रग्स के रूप में किया जाता है। यह गिरोह अब तक हवाई मार्ग से थाईलैंड, इंडोनेशिया, म्यांमार और मलेशिया में 100 करोड़ रुपये से अधिक की केटामाइन भेज चुका है। केवल वर्तमान नेटवर्क के जरिए ही इस बरामदगी से पहले ही आरोपी 25 किलो केटामाइन विदेश भेज चुके थे।पकड़ा गया आरोपी अदनान छह महीने पहले थाईलैंड गया था, जहाँ वह सिंडिकेट के सरगना के संपर्क में आया। सरगना ने उसे जॉब का लालच देकर नेटवर्क में शामिल किया और दूसरे आरोपी सौद मुश्ताक को ड्रग्स को फूड पैकेट में पैक करने का जिम्मा सौंपा गया था।
MIDC पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 7 अन्य मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली है और जल्द ही उन तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। पुलिस यह भी पता करने में जुटी है कि थाईलैंड में बैठा सरगना भारत में किन- किन फ़ार्मा कंपनियों से केटामाइन खरीदता था
