Krishna Janmashtami 2023 Know Banke Bihari Temple Darshan Time and Rules: हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण मथुरा में अवतरित हुए थे। यह पर्व हर साल भाद्र माह की अष्ट्मी तिथि को मनाया जाता है। इस साल 6 सितंबर (Krishna Janmashtami 2023 Date) को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखा जाएगा। मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली है, ऐसे में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रौनक बृज में देखने वाली होती है। लाखों की संख्या में लोग जन्माष्टमी पर यहां आते हैं और वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन करते हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अगर वृंदावन जाने का प्लान कर रहे हैं तो बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुर जी के दर्शन के लिए होने वाले बदलावों के बारे में जान लें।
बांकेबिहारी मंदिर भगवान श्रीकृष्ण का विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। वृंदावन आने वाला हर भक्त यहां दर्शन करने जरूर जाता है। यही वजह है कि रोजाना लाखों की संख्या में भक्त ठाकुर जी के दर्शन करने जाते हैं और दर्शन के लिए घंटों लाइन में लगे रहते हैं। आलम ये है कि भीड़ की वजह से अव्यवस्था हो रही है। अधिक भीड़ की वजह से मंदिर के अंदर भक्त बेहोश भी हो जाते हैं। किसी अनहोनी की आशंका के चलते स्थानीय प्रशासन भीड़ नियंत्रण की योजना बनाने में जुटा है।
बांकेबिहारी दर्शन कैसे होंगे सुलभ
स्थानीय प्रशासन बांकेबिहारी के सुलभ दर्शन के लिए दो व्यवस्थाएं लागू करने जा रहा है। भीड़ नियंत्रण के लिए बांकेबिहारी के दर्शन के लिए पहले से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था शुरू होने वाली है। मंदिर के सेवादार और जिला प्रशासन ने इसका प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। वहीं दूसरी ओर, भीड़ की वजह से मंदिर के अंदर मोबाइल फोन पर बैन होगा। लोग अंदर जाते हैं, काफी देर तक मोबाइल पर तस्वीर खींचते हैं, सेल्फी लेते हैं और रील्स बनाते हैं। इससे मंदिर में भीड़ लगी रहती है।
जल्द लागू हो सकती है नई व्यवस्था
सूत्रों की मानें तो जल्द ही ये दोनों व्यवस्थाएं लागू हो सकती हैं। ऐसे में जन्माष्टमी पर वृंदावन जाने से पहले पूरी जानकारी करके ही वहां जाएं, वरना आपको बिना दर्शन लौटना पड़ सकता है। मोबाइल फोन बैन करने वाली व्यवस्था का प्रेजेंटेशन भी प्राइवेट कंपनी द्वारा दिया जा चुका है। यह कंपनी दक्षिण भारत के मंदिरों में सुविधा देती है।
Banke Bihari Mandir Darshan Time
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के कपाट ग्रीष्मकालीन समय के अनुसार सुबह 7:45 पर खुलेंगे। उसके बाद 7:55 पर सेवायतों द्वारा बांके बिहारी की श्रृंगार आरती होगी। फिर दोपहर 11 बजे बांके बिहारी को राज भोज लगाया जाया करेगा और आधे घंटे बाद यानी 11:30 बजे फिर से ठाकुर जी के दर्शन कर पाएंगे। 11:55 पर राजभोग आरती के बाद बांके बिहारी के पट भी बंद हो जाएंगे।
बांकेबिहारी मंदिर दर्शन का समय शाम को
शाम के समय बांके बिहारी के दर्शन 5:30 बजे मंदिर में आना होगा। 8:30 बजे बिहारी को शयन भोग भी लगा पाएंगे। इसके बाद भक्त फिर से 9:05 बजे दर्शन कर सकेंगे, फिर 9:25 पर बांके बिहारी की शयन आरती भी की जाएगी।
