योग गुरु स्वामी रामदेव को महिलाओं से जुड़ी टिप्पणी पर चौतरफा घिरने के बाद माफी मांगनी पड़ी। मामले के लगभग 72 घंटे बाद जबरदस्त विरोध और आलोचना होने पर उन्होंने खेद जताया। उन्होंने इस बाबत महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की मुखिया रूपाली चाकणकर को ई-मेल लिखा।
शुक्रवार को आयोग की ओर से उन्हें खत भेजा गया था और 72 घंटों के भीतर उस टिप्पणी के लिए स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया था। चाकणकर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि रामदेव ने ई-मेल कर अपनी टिप्पणी के लिए खेद जाहिर किया है। साथ ही माफी भी मांगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि उनके बयान को संदर्भ से बाहर समझ लिया गया।
चाकणकर ने चेतावनी देते हुए बताया, "हमें नोटिस का जवाब मिल गया है, पर अगर कोई और शिकायत-आपत्ति आती है तब हम पूरी जांच करेंगे। बीते हफ्ते हुए कार्यक्रम की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग हासिल करेंगे।"
दरअसल, पतंजलि आयुर्वेद के रामदेव ने महाराष्ट्र के ठाणे में महिलाओं के लिए हुए योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहा था, "महिलाएं साड़ी में अच्छी लगती हैं। वे सलवार सूट में भी अच्छी लगती हैं और अगर उन्होंने कुछ न पहना हो तो और अच्छी लगती हैं।"
रामदेव ने यह बयान तब दिया था, जब उनके साथ सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे बालासाहेबंची शिवसेना ठाणे के सांसद श्रीकांत शिंदे और भाजपा के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस समेत कुछ और गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
रामदेव के इस बयान को लेकर महाराष्ट्र समेत देश के अन्य हिस्सो में हंगामा खड़ा हो गया। उन्हें इसी वजह से सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
