Gyanvapi case hearing in SC: ज्ञानवापी पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बड़ा फैसला दिया है और अगले आदेश तक शिवलिंग (Shivling) वाली जगह संरक्षित करने का आदेश दिया है। हिंदू पक्ष ने अपनी अर्जी में शिवलिंग के संरक्षण की मांग की थी और आशंका जाहिर की थी कि मस्जिद परिसर में शिवलिंग नुमा आकृति से छेड़छाड़ हो सकती है। कोर्ट के फैसले से हिंदू पक्ष को बड़ी राहत मिलती दिख रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वेक्षण आयुक्त की नियुक्ति के संबंध में उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली ज्ञानवापी मस्जिद समिति की याचिका पर हिंदू पक्षों से तीन सप्ताह में जवाब देने को कहा।
हिंदू पक्ष ने मांगा था अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी विवाद से जुड़े मुकदमे में अपना पक्ष मजबूत बनाने के लिए हिंदू पक्षों को वाराणसी के जिला न्यायाधीश के समक्ष आवेदन करने की अनुमति दी। ज्ञानवापी परिसर, वाराणसी में जिस स्थान पर 'शिवलिंग' मिलने की बात की गई थी, कोर्ट ने अगले आदेश तक उस क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ा दी। हिंदू पक्ष ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में श्रृंगार गौरी की पूजा करने का अधिकार मांगा है। हिंदू पक्ष की इस अर्जी को खारिज करने की मांग वाली मस्जिद कमेटी की याचिका जिला अदालत खारिज कर चुकी है। मुस्लिम पक्ष की अर्जी जिला अदालत में खारिज हो जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पहली बार इस केस की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने की।हाईकोर्ट का फैसला
दरअसल, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सर्वे का आदेश देने वाले वाराणसी सिविल कोर्ट के फैसले में दखल देने से इंकार कर दिया था। हाई कोर्ट के दखल न देने के फैसले के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मस्जिद कमेटी ने अपनी अर्जी में सिविल जज के तीन फैसलों को हाई कोर्ट के चुनौती दी थी।
