Sharad Pawar Ajit Pawar: एनसीपी नेता शरद पवार और उनके भतीजे अजीत पवार के बीच हुई सीक्रेट मीटिंग के बाद से चर्चाओं का बाजार गर्म है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस सीक्रेट मीटिंग में शरद पवार को मोदी कैबिनेट में शामिल होने का ऑफर मिला है, बशर्ते वह विपक्षी गठबंधन INDIA से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल हो जाएं। हालांकि, शरद पवार ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया था।
अब उन्होंने इन कयासों पर जवाब दिया है। मोदी कैबिनेट से आए ऑफर के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में शरद पवार ने कहा है कि मुझे नहीं पता कि पृथ्वीराज चव्हाण ने क्या कहा है, लेकिन जहां तक अजीत पवार के साथ उनकी मुलाकात का सवाल है तो यह एक सीक्रेट मुलाकात थी, जिसमें कोई भी राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि उन्हें केंद्रीय कैबिनेट से कोई ऑफर नहीं मिला है। सभी रिपोर्ट तथ्यहीन हैं। बता दें, कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया गया था कि शरद पवार को मोदी कैबिनेट में शामिल होने का ऑफर दिया गया है।
अजीत गुट ने तस्वीरों का इस्तेमाल बंद नहीं किया तो जाएंगे कोर्ट
बता दें, एनसीपी प्रमुख गुरुवार को बीड में एक रैली को संबोधित करने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने उनकी तस्वीरों के इस्तेमाल पर अजीत पवार गुट को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, अगर अजीत गुट ने अपने बैनर और होर्डिंग्स से उनकी उनकी तस्वीर का इस्तेमाल बंद नहीं किया तो वह न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर देश भर भी हमाला बोला। सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को मणिपुर हिंसा के बजाए 2024 में सत्ता में अपनी वापसी की अधिक चिंता है। उन्होंने कहा, मणिपुर बीते 90 दिनों से जातीय हिंसा में जल रहा है।
चुनाव आयोग ने दिया तीन सप्ताह का समय
उधर, एनसीपी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर चुनाव आयोग ने शरद पवार और अजीत पवार को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का और समय दिया है। दोनों गुटों को आज यानी 17 अगस्त तक जवाब दाखिल करना था। हालांकि, शरद पवार गुट की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा गया था। इसके बाद आयोग ने 8 सितंबर तक जवाब दाखिल करने की छूट दी है। बता दें, इस संबंध में अजीत गुट की ओर से कुछ दस्तावेज चुनाव आयोग में जमा किए गए हैं।
