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मुंबई और कोच्चि जाने वाली फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी, चेन्नई एयरपोर्ट पर कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

Chennai Airport Emergency Landing: चेन्नई एयरपोर्ट से मुंबई के लिए इंडिगो ने उड़ान भरी थी, इस विमान में 160 यात्री थी। वहीं, कोच्चि जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान में 84 यात्री सवार थे। दोनों उड़ानों में तकनीकी समस्या आने के बाद चेन्नई एयरपोर्ट पर उनकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।

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Chennai Airport Emergency Landing: मुंबई और कोच्चि के लिए उड़ान भरने वाली दो फ्लाइट में गुरुवार को अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इसके बाद चेन्नई एयरपोर्ट पर दोनों उड़ानों की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हवा में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण सैंकड़ों यात्रियों की जान पर बन आई थी। अधिकारियों का कहना है कि दोनों फ्लाइट्स के सभी क्रू मेंबर और यात्री सुरक्षित हैं।

जानकारी के मुताबिक, चेन्नई एयरपोर्ट से मुंबई के लिए इंडिगो ने उड़ान भरी थी, इस विमान में 160 यात्री थी। वहीं, कोच्चि जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान में 84 यात्री सवार थे। अधिकारियों ने बताया कि इंडिगो की उड़ान के पायलट ने तकनीकी खराबी का पता तब लगाया जब विमान सुबह 4.40 बजे रनवे पर था। पायलट ने तुरंत चेन्नई हवाई अड्डे के नियंत्रण टॉवर को सूचित किया। दो घंटे में समस्या का समाधान हो गया और उड़ान सुबह 7.45 बजे मुंबई के लिए रवाना हो गई

कोच्चि जाने वाली उड़ान में उड़ान के दौरान हुई समस्या

वहीं, कोच्चि जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान के पायलट ने बीच हवा में तकनीकी खराबी का पता लगाया और तुरंत नियंत्रण टॉवर को सूचित किया। इसके बाद विमान आपातकालीन सावधानियों के साथ चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरा। यात्रियों को दूसरी उड़ान से कोच्चि भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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