देश

गृह, राजस्व और अर्बन डेवलपमेंट...महाराष्ट्र कैबिनेट में किसे मिल रहा कौन सा विभाग? सबकुछ हो तय! यहां देखें पूरी लिस्ट

Maharashtra Cabinet Expansion: बीजेपी के हिस्से के सिर्फ दो विभाग सहयोगी दलों के पास जा सकते हैं। बीजेपी अपने सहयोगी दलों को सिर्फ राजस्व और शहरी विकास देने की तैयार है, जबकि गृह मंत्रालय भाजपा अपने पास ही रखेगी। इसके बदले बदले में शिवसेना को राजस्व, अर्बन डेवलपमेंट और पीडब्ल्यूडी देने की तैयारी है।

Image

Maharashtra Cabinet Expansion

Photo : PTI

Maharashtra Cabinet Expansion: महाराष्ट्र में सरकार के गठन के बाद कैबिनेट विस्तार को लेकर महायुति के दलों के बीच गहमागहमी बनी हुई है। इसको लेकर बुधवार देर रात दिल्ली में अमित शाह के आवास पर एक बैठक हुई। इसमें महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस के अलावा जेपी नड्डा भी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में कैबिनेट पोर्टफोलियो को लेकर काफी कुछ तय हो गया है। बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय न मिलने पर एकनाथ शिंदे गुट के मंत्रियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।

इसके अलावा बीजेपी के हिस्से के सिर्फ दो विभाग सहयोगी दलों के पास जा सकते हैं। बीजेपी अपने सहयोगी दलों को सिर्फ राजस्व और शहरी विकास देने की तैयार है, जबकि गृह मंत्रालय भाजपा अपने पास ही रखेगी। इसके बदले बदले में शिवसेना को राजस्व, अर्बन डेवलपमेंट और पीडब्ल्यूडी देने की तैयारी है।

किसे मिल सकता है कौन सा विभाग?

बीजेपी- गृह मंत्रालय, लॉ एंड ज्यूडीशरी, सामान्य प्रशासन, ग्रामीण विकास, ऊर्जा मंत्रालय, पर्यावरण, वन, आदिवासी।

शिवसेना- राजस्व, सार्वजनिक कार्य (पीडब्ल्यूडी), अर्बन डेवलपमेंट, श्रम, स्कूल शिक्षा, राज्य उत्पाद शुल्क, जल आपूर्ति और स्वच्छता, परिवहन।

एनसीपी- वित्त और योजना, हाउंसिंग, चिकित्सा शिक्षा (मेडिकल एजुकेशन), खाद्य और नागरिक आपूर्ति, महिला और बाल कल्याण, राहत और पुनर्वास, खाद्य और औषधि प्रशासन।

पीएम मोदी से हो सकती है फडणवीस की मुलाकात

गौरतलब है कि देवेंद्र फडणवीस इन दिनों दिल्ली में हैं। सीएम पद की शपथ लेने के बाद उनका यह पहला दिल्ली दौरा है। देर रात फडणवीस ने अमित शाह के आवास पर एक बैठक की थी, इसमें जेपी नड्डा भी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, आज फडणवीस की पीएम मोदी से भी मुलाकात हो सकती है। इसमें भी कैबिनेट विस्तार पर चर्चा हो सकती है।

(इनपुट- अतुल सिंह)

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article