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सीमा हैदर का बड़ा ऐलान: चांद पर शिवशक्ति और तिरंगा प्वाइंट की करेंगी पूजा, हर साल 23 अगस्त को रखेंगी व्रत

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 27, 2023, 06:03 PM IST

Seema Haider News: सीमा हैदर ने कहा है कि वह हर साल 23 अगस्त को व्रत रखेंगी। यह व्रत वह इसरो के लिए रखेंगी। इतना ही नहीं सीमा हैदर ने कहा है कि चंद्रमा की सतह पर जो शिवशक्ति और तिरंगा प्वाइंट है, उसे मानते हुए वह उसकी पूजा भी करेंगी।

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सीमा हैदर

Photo : Twitter

Seema Haider News: चंद्रयान-3 की सफलता से इसरो ही नहीं पूरा देश उत्साहित है। भारत ने न सिर्फ चंद्रयान-3 को चंद्रमा की सतह पर उतारा बल्कि दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश भी बन गया है। चंद्रयान-3 की सफलता से पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर भी काफी उत्साहित हैं। 23 अगस्त को उन्होंने इसरो की कामयाबी के लिए व्रत भी रखा था। अब तो उन्होंने बड़ा ऐलान कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीमा हैदर ने कहा है कि वह हर साल 23 अगस्त को व्रत रखेंगी। यह व्रत वह इसरो के लिए रखेंगी। इतना ही नहीं सीमा हैदर ने कहा है कि चंद्रमा की सतह पर जो शिवशक्ति और तिरंगा प्वाइंट है, उसे मानते हुए वह उसकी पूजा भी करेंगी।

लगाए जय श्रीराम और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे

सीमा हैदर ने एक वीडियो में कहा कि उनके वकील एपी सिंह की कॉल आई और उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसरो के वैज्ञानिकों से मिलने पहुंचे हैं। मैंने तुरंत टीवी ऑन की, इस दौरान प्रधानमंत्री का भाषण चल रहा था। मैं उनसे बहुत प्रभावित हुई और फैसला किया कि हर साल 23 अगस्त को व्रत रखूंगी और तिरंगा और शिवशक्ति प्वाइंट की पूजा किया करूंगी। इस दौरान उन्होंने जय श्रीराम और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए।

सचिन के प्यार में आईं भारत

बता दें, पाकिस्तानी मूल की सीमा हैदर पबजी गेम के जरिए सचिन मीणा से मिली थीं। इस दौरान दोनों में प्यार हो गया और सीमा अपने चार बच्चों के साथ भारत चली आईं और सचिन से शादी कर ली। उनका दावा है कि उन्होंने भारत आकर अपना धर्म भी बदल लिया है। बता दें, सचिन और सीमा हैदर पर जांच एजेंसियां भी नजर बनाए हुए हैं, दोनों से गहन पूछताछ भी हो चुकी है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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