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बीजेपी ने उठाया सोरोस-कांग्रेस संबंधों का मुद्दा तो विपक्षी सांसदों ने किया जोरदार हंगामा, लोसकभा में दिखा फिर वही नजारा

निशिकांत दुबे ने कहा कि कश्मीर को अलग देश मानने वाले एक संगठन से राजीव गांधी फाउंडेशन और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष के क्या संबंध है जिसे जॉर्ज सोरोस वित्तपोषित करता है। उन्होंने पूछा कि जॉर्ज सोरोस से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष का क्या रिश्ता है।

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लोकसभा में हंगामा

Photo : PTI

Lok Sabha adjourned: लोकसभा में गुरुवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक बार फिर कांग्रेस पर अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस से संबंध होने का आरोप लगाते हुए कुछ सवाल पूछे और उनके आरोपों पर विपक्षी पार्टी के सांसदों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। शून्यकाल में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य निशिकांत दुबे ने सोरोस मुद्दे पर कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से अपने सवाल दोहराए। उन्होंने कहा, कांग्रेस और राहुल गांधी से मेरे दस सवाल हैं। मैं पिछले चार दिन से ये सवाल पूछने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन विपक्ष मुझे बोलने नहीं दे रहा।

निशिकांत दुबे ने पूछा- सोरोस से कांग्रेस के क्या संबंध

दुबे ने कहा कि कश्मीर को अलग देश मानने वाले एक संगठन से राजीव गांधी फाउंडेशन और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष के क्या संबंध है जिसे जॉर्ज सोरोस वित्तपोषित करता है। उन्होंने पूछा कि जॉर्ज सोरोस से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष का क्या रिश्ता है। दुबे ने एक रिपोर्ट के हवाले से आरोप लगाया कि ‘ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ कांग्रेस’ के प्रमुख ने 150 करोड़ रुपये का घोटाला किया था जिसकी संस्था ‘ग्लोबल नॉलेज इनीशिएटिव’ को सोरोस वित्तपोषित करता है। भाजपा सांसद ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अमेरिका दौरे का सारा खर्च यही संस्था उठाती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ कांग्रेस के प्रमुख खालिस्तानियों से मिलते हैं और कश्मीर तोड़ने की बात करने वालों से मिलते हैं। दुबे ने सवाल किया कि इन सबका आपस में क्या संबंध है? भाजपा सांसद ने दावा किया, सोरोस 2004 और 2009 में भारत आया और उसने बंबई स्टॉक एक्सचेंज में पांच प्रतिशत हिस्सेदारी ली। वह 2010 से 2014 तक शेयर बाजार से पैसा लेता रहा। वह गांधी परिवार से मिला। सोरोस और गांधी परिवार का संबंध क्या है? दुबे ने आरोप लगाया कि सोरोस ने विभिन्न फंड बनाए और स्टार्टअप के नाम पर कांग्रेस के 300 लोगों को पैसा दिया है। ये 300 लोग कौन हैं?

कांग्रेस सांसदों कीआसन के पास नारेबाजी

इस दौरान कांग्रेस के सदस्य आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे। दुबे पहले भी सदन में इस मुद्दे को उठा चुके हैं। हंगामे के बीच पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने सदन की कार्यवाही 12 बजकर 18 मिनट पर एक बजे तक स्थगित कर दी। इससे पहले सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य एस जोतिमणि ने दिल्ली के पास शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार किसानों के प्रदर्शन को दबाने के लिए जॉर्ज सोरोस का अनावश्यक मुद्दा उठा रही है। उन्होंने एक उद्योगपति का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि सरकार द्वारा उन्हें बचाया जाता है, लेकिन किसानों का संरक्षण नहीं किया जाता।

इस पर सभापति जगदंबिका पाल ने कहा कि आप किसी ऐसे व्यक्ति का नाम नहीं ले सकते जो सदन में उपस्थित नहीं हैं। उन्होंने उद्योगपति के नाम को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया जिस पर कांग्रेस के सदस्य विरोध दर्ज कराने लगे। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस सदस्य जोतिमणि द्वारा उनके बयान में लिए गए एक नाम को कार्यवाही से हटाने का निर्देश आसन से दिया गया है, लेकिन बुधवार को शून्यकाल में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर वही आरोप लगाए जो उनकी पार्टी पिछले कुछ दिन से दोहरा रही है। उन्होंने कहा कि शून्यकाल सदस्यों का समय होता है, लेकिन एक मंत्री उसमें आरोप लगा रहे थे।

वेणुगोपाल ने कहा, जोतिमणि ने जो कहा, आपने कार्यवाही से हटा दिया। क्या यह केवल विपक्ष पर लागू है, उनके (सत्तापक्ष के) लिए नहीं है? उन्होंने पीठासीन सभापति से कहा, जब केंद्रीय मंत्री शून्यकाल में बोलते हैं तो आपने उनकी बात कार्यवाही से नहीं हटाई। ये दोहरे मानदंड सही नहीं हैं। जगदंबिका पाल ने कहा कि इस तरह की कार्यवाही अध्यक्ष के निर्देश और नियमों के अनुसार होती है। इसके बाद कांग्रेस सांसद आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे। दोपहर एक बजे सदन की बैठक फिर शुरू होने पर कांग्रेस सांसद पहले की तरह सदन में नारेबाजी और हंगामा करने लगे। पीठासीन सभापति संध्या राय ने सदन में हंगामा न थमते देख बैठक को महज कुछ ही पलों के भीतर दोपहर दो बजे के लिए स्थगित कर दिया।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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