PM Modi On G20 Success: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जी20 शिखर सम्मेलन में योगदान देने वाले कर्मचारियों से संवाद किया और इस वैश्विक आयोजन की सफलता का उन्हें श्रेय दिया। भारत की अध्यक्षता में यहां ‘भारत मंडपम’ में 9 और 10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
हर तरफ से तारीफ ही तारीफ आ रही है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने ‘भारत मंडपम’ में आयोजित एक कार्यकम को संबोधित करते हुए कहा, 'इतना बड़ा और सफल आयोजन हुआ जी20 का, जिसके लिए हर तरफ से तारीफ ही तारीफ आ रही है। इसके पीछे आप सभी हैं।' PM ने उन्हें सुझाव दिया कि वे अपने अनुभवों को शब्दों में बयां करें, ताकि भविष्य में होने वाले आयोजनों के लिए दिशानिर्देश बनाए जा सकें।
पीएम मोदी बोले- कोई काम मेरे लिए छोटा नहीं है
मोदी ने बताया कि 'कोई काम मेरे लिए छोटा नहीं है, ये मानकर चलिए, तो सफलता आपके चरण चूमने लग जाती है। आज का कार्यक्रम मजदूर एकता जिंदाबाद का है। मैं थोड़ा बड़ा मजदूर हूं, आप थोड़ा छोटे मजदूर हैं, लेकिन हम सब मजदूर हैं। हमें साथ मिल कर काम करने के अवसर ढूंढने चाहिए। अगर सब लोग मिलकर काम करें तो देखिएगा कि माहौल एकदम बदल जाएगा, फिर आपको वो काम नहीं लगेगा, एक फेस्टिवल लगेगा।'
सामूहिकता की एक शक्ति होती है- पीएम मोदी
कार्यकम को संबोधित करते हुए कहा मोदी ने बोला कि 'सामूहिकता की एक शक्ति होती है। जब आप कोई काम अकेले करते हैं, तो मन के तरह-तरह के विचार आते हैं कि मैं ही सब काम करूं क्या? लेकिन जब आप सबके साथ होते हैं तो लगता है कि मेरे जैसे बहुत लोग हैं जिसके कारण सफलताएं मिलती हैं, जिनके कारण व्यवस्थाएं चलती हैं।'
मोदी ने देश के दो अनुभव के बारे में बताया
पीएम मोदी ने कहा कि 'हमारे देश के सामने दो अनुभव हैं- एक कॉमनवेल्थ गेम्स- जिसका हम ब्रांडिंग कर देते, देश की पहचान बना देते, देश के सामर्थ्य को बढ़ा भी देते और देश के सामर्थ्य को दिखा भी देते, लेकिन दुर्भाग्य से वो इवेंट ऐसी चीजों में उलझ गया कि उसमें करने धरने वाले लोग भी बदनाम हुए, देश भी बदनाम हुआ और उससे देश में निराशा पैदा हुई। दूसरा है G20- इसमें ऐसा सामर्थ्य था कि विश्व को उसके दर्शन कराने में हमारी सफलता थी। इससे देश में एक ऐसा विश्वास पैदा हो गया है कि ऐसे किसी भी काम को देश अच्छे से अच्छे ढंग से कर सकता है।'
आज भारत एक सामर्थ्य के साथ खड़ा है- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत ने आज विश्व के अंदर विश्वास पैदा किया है कि मानव हित के कामों में आज भारत एक सामर्थ्य के साथ खड़ा है, संकट की हर घड़ी में वो दुनिया में पहुंचता है। जहां हम कभी दिखते नहीं थे, हमारा नाम तक नहीं होता था, इतने कम समय में हमने वो स्थिति प्राप्त की है।
संवाद के बाद रात्रि भोज का आयोजन किया गया। जी20 शिखर सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने को लेकर अहम योगदान देने वाले लगभग 3,000 लोगों ने इस संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इस संवाद कार्यक्रम में विशेषतौर पर वे लोग शामिल हुए हैं, जिन्होंने शिखर सम्मेलन का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर काम किया है। इसमें विभिन्न मंत्रालयों के सफाईकर्मी, चालक, वेटर और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। इस संवाद में विभिन्न मंत्रालयों के मंत्री और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए।
