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जैसे ही बॉर्डर किया क्रॉस खुद-ब-खुद उड़ जाएगा दुश्मन का टैंक, सेना में शामिल हुआ 'विभव'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 18, 2023, 08:57 PM IST

Landmine devices Vibhav: अधिकारियों ने बताया कि 'विभव' के इस्तेमाल को सुरक्षित, लक्ष्यों के प्रति घातक और विश्वसनीय बनाने के लिए इसमें कई सुरक्षा तंत्र शामिल किए गए हैं। इसकी भंडारण अवधि 10 साल है और इसमें भंडारण की कोई विशेष आवश्यकता नहीं है।

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सेना में शामिल हुआ एंटी टैंक डिस्ट्रॉयर लैंडमाइन डिवाइज 'विभव'

Photo : BCCL

Landmine devices Vibhav: देश में ही निर्मित 600 स्व-निष्क्रिय टैंक विध्वंसक बारूदी सुरंगों को भारतीय सेना में शामिल किया गया है। इन बारूदी सुरंगों को 'विभव' के नाम से जाना जाता है और इनका इस्तेमाल दुश्मन के सभी प्रकार के बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए किया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया, टैंक विध्वंसक बारूदी सुरंग प्लास्टिक से बनी है।

भारतीय सेना के अधिकारियों के मुताबिक, 600 स्व-निष्क्रिय टैंक विध्वंसक बारूदी सुरंग विभव अलग-अलग क्षेत्र की स्थितियों में भंडारण, हैंडलिंग और संचालन की आवश्यकताओं का सामना करने के लिए पर्याप्त क्षमता और स्थायित्व प्रदान करती है।

सेना में हुई शामिल

इस रक्षा उपकरण का निर्माण करने वाली कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि यह ('विभव' टैंक विध्वंसक बारूदी सुरंग) पहले से ही उत्पादन के चरण में है। यह पूरा हो चुका है। अब इसकी मांग है। इसे भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया है। हाल ही में 600 टैंक विध्वंसक बारूदी सुरंगें शामिल की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि भारत में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ एक संयुक्त उद्यम में पूरी तरह से स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित की गयी टैंक विध्वंसक बारूदी सुरंग 'विभव' एक ''प्वाइंट-अटैक एंटी-टैंक'' युद्ध सामग्री है।

काफी घातक है विभव

अधिकारियों ने बताया कि 'विभव' के इस्तेमाल को सुरक्षित, लक्ष्यों के प्रति घातक और विश्वसनीय बनाने के लिए इसमें कई सुरक्षा तंत्र शामिल किए गए हैं। भारतीय सेना के लिए कल्याणी समूह द्वारा इस युद्ध सामग्री का उत्पादन किया जा रहा है। इसकी भंडारण अवधि 10 साल है और इसमें भंडारण की कोई विशेष आवश्यकता नहीं है।

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