13 December 2024 Panchang: आज परम पवित्र शुभ मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि दिवस शुक्रवार है। आज प्रदोष का पावन व्रत करें। आज भगवान शंकर जी की उपासना तिथि होती है। आज रूद्राभिषेक का बहुत महत्व है। वैभव लक्ष्मी व्रत भी आज ही है। माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु पालनकर्ता व कल्याणकारी हैं, उनकी उपासना करें। भगवान विष्णु के नाम का मानसिक जप करें। मार्गशीर्ष माह में भगवान शिव की सगुण व निर्गुण दोनों उपासना अवश्य करें। यह उपवास बहुत ही पुण्यदायी है। मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण की विधिवत उपासना होती है, भगवान कृष्ण के नाम का जप करें, वैभव लक्ष्मी व्रत रखने से धन आगमन व शुभता का आगमन होता है, पुण्य की प्राप्ति होती है। आज सात अन्न व फलों के दान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। यह उपवास फलाहारी होता है। आज शुक्र के बीज मंत्र का जप समृद्धि देगा। इस मार्गशीर्ष माह में भगवान कृष्ण के नाम का जप व संकीर्तन करने से पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है तथा भगवान कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है। प्रातःकाल विष्णु मंदिर में श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। श्री सूक्त के ऋग्वैदिक श्री सूक्तम के 16 मंत्रों का जप करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
प्रदोष व्रत मुहूर्त 2024 (Pradosh Vrat Puja Muhurat 2024)
प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त 13 दिसंबर को शाम 05:26 से 07:40 बजे तक रहेगा।
13 दिसंबर 2024 पंचांग (13 December 2024 Panchang)
संवत---पिंगला विक्रम संवत 2081
माह-मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष
पर्व - प्रदोष
तिथि- त्रयोदशी
दिवस -शुक्रवार
सूर्योदय-07:06am
सूर्यास्त-05:25pm
नक्षत्र-- भरणी
चन्द्र राशि -- मेष
सूर्य राशि- वृश्चिक
करण- बालव
योग- शिव
13 दिसंबर 2024 शुभ मुहूर्त (13 December 2024 Shubh Muhurat)
अभिजीत-11:54 am से 12:36 pm तक
विजय मुहूर्त-02:22pm से 03:26pm तक
गोधुली मुहूर्त--06:20pm से 07:23pm
ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:08am तक
अमृत काल-06:09am से 07:43am तक
निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:42से 12:25तक रात
संध्या पूजन-06:21 pm से 07:07pm तक
दिशा शूल--पश्चिम व दक्षिण -पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल--प्रातःकाल 10:30 बजे से 12 बजे सायंकाल तक
क्या न करें--पत्नी का अपमान मत करें। पत्नी की बात न मानने से शुक्र शुभ फल नहीं देते।
