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Within 100 KMS Vrindavan: वृंदावन के बेहद पास बसी है जन्नत जैसी जगह, कम टाइम में जाओगे पहुंच

Within 100 KMS Vrindavan: भगवान श्री कृष्ण से जुड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक महिमा के कारण वृंदावन घूमने के लिए भक्तों का जमावड़ा लगा रहता है। अगर आप वृंदावन घूमने का प्लान कर रहे हैं तो इस बार वृंदावन के बेहद पास एक ऐसी प्यारी सी जगह जाना मत भूलिएगा जहां आप कम टाइम में पहुंचकर दिल खोलकर एन्जॉय कर सकते हैं।

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Within 100 KMS Vrindavan

Places to Visit near Vrindavan: भगवान श्री कृष्ण की बाल्यकाल की भूमि वृंदावन घूमने का अगर आप प्लान कर रहे हैं तो इस बार आपके लिए एक पैकेज में डबल धमाका है। Within 100 kms की अपनी इस सीरीज में हम आपको वृंदावन के पास बसे ऐसे प्यारे से शहर के बारे में डिटेल में जानकारी देंगे जिसे जानने के बाद आप खुदको वहां जाने से शायद ही रोक पाएं।

आगरा: भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर आगरा वृंदावन से तकरीबन 87 किलोमीटर दूर है जहां आप 2 घंटे से कम का ट्रैवल करके आसानी से पहुंच सकते हैं। ताज महल, आगरा किला, और फतेहपुर सीकरी जैसे विश्व धरोहर स्थलों के लिए आगरा टूरिस्ट लोगों को काफी लुभाता है।

आगरा के प्रमुख आकर्षण-

ताज महल: शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में ताज महल का निर्माण करवाया था। युनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में शुमार ताज महल किसी जन्नत से कम नहीं है। प्रेम के प्रतीक के रूप में भी ताज महल को देखा जाता है।

आगरा किला: मुगल साम्राज्य के प्रमुख किलों में से एक आगरा किला ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। आगरा किले से ताज महल का खूबसूरत दृश्य देखा जा सकता है।

फतेहपुर सीकरी: यहां जाकर आप बीबी का मकबरा, जामा मस्जिद, और सलीम चिश्ती का मकबरा घूमने के लिए जा सकते हैं। मुगल सम्राट अकबर ने फतेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी के रूप में बसाया था।

विदेशी टूरिस्ट की भीड़: आगरा ना केवल भारतीय पर्यटकों को खासा लुभाता है बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के चलते विदेशी पर्यटक भी यहां भारी तादाद में आते हैं। आगरा में नाइटआउट करने के लिए भी पर्यटकों के लिए तमाम स्पॉट हैं।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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