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G20 Summit 2023: वर्ल्ड लीडर्स का बापू को नमन, रिमझिम बारिश के बीच राजघाट पहुंचे राष्ट्राध्यक्ष

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 10, 2023, 10:19 AM IST

G20 Summit 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 लीडर्स का राजघाट पर स्वागत किया और उन्हें खादी का बना पटका भेंट किया। इस दौरान पीएम मोदी ने वर्ल्ड लीडर्स को बापू के साबरमती के आश्रम के बारे में भी जानकारी दी।

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जी-20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

Photo : ANI

G20 Summit 2023: देश की राजधानी दिल्ली में हो रही जी-20 समिट के दूसरे दिन जी-20 लीडर्स राजघाट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 लीडर्स का राजघाट पर स्वागत किया और उन्हें खादी का बना पटका भेंट किया। इस दौरान पीएम मोदी ने वर्ल्ड लीडर्स को बापू के साबरमती के आश्रम के बारे में भी जानकारी दी।

राजघाट पर महात्मा गांधी का पसंदीदा भक्ति गीत 'वैष्णव जन तो तेने कहिये का गायन किया गया। इसके बाद एक-एक करके सभी राष्ट्राध्यक्षों ने महात्मा गांधी को नमन किया। बता दें, जी-20 समिट के पहले दिन घोषणा पत्र पर आम सहमति बनाने पर भारत कामयाब रहा था, जिसके बाद यह अब तक का सबसे सफल जी-20 सम्मेलन बन गया है।

कौन-कौन से नेता पहुंचे राजघाट

राष्ट्रपति महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पहुंचने वाले नेताओं में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन, यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, ऑस्ट्रेलियाई प्रधान मंत्री एंथनी अल्बनीस, कनाडाई प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के प्रधान मंत्री ली कियांग, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और अन्य राष्ट्राध्यक्ष और सरकार और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल रहे। सभी ने दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और पुष्पांजलि अर्पित की।

आज होगा आखिरी सत्र

जी-20 शिखर सम्मेलन के तहत आज यानी रविवार को अंतिम सत्र 'वन फ्यूचर' का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम भी भारत मंडपम में होगा। इसके बाद भारत 2024 के लिए ब्राजील को जी20 की अध्यक्षता सौंपेगा। वहीं दूसरी तरफ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक आज अक्षरधाम मंदिर पहुंचे और दर्शन किए।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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