देश

कनाडा मुद्दे पर मोदी सरकार के समर्थन में आई कांग्रेस, कहा- 'राष्ट्रहित सबसे ऊपर'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 19, 2023, 08:05 PM IST

Justin Trudeau: जयराम रमेश ने कहा, कांग्रेस पार्टी का हमेशा से मानना रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ हमारे देश की लड़ाई में किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, हमारे देश के हितों और चिंताओं को हमेशा सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।

Image

कांग्रेस नेता जयराम रमेश

Photo : BCCL

Justin Trudeau: भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच भले ही कई सियासी मुद्दों पर विरोधाभास हो, लेकिन कनाडा मसले पर कांग्रेस ने खुलकर मोदी सरकार का समर्थन किया है। पार्टी ने कहा है कि हमारे लिए राष्ट्रहित हमेशा सर्वोपरि रहा है। कांग्रेस पार्टी की ओर से यह बयान कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिल ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की मौत के लिए भारत सरकार को दोषी ठहराने के कुछ घंटों बाद आया है।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स पर कहा, कांग्रेस पार्टी का हमेशा से मानना रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ हमारे देश की लड़ाई में किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से तब, जब आतंकवाद से भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरा हो। उन्होंने कहा, हमारे देश के हितों और चिंताओं को हमेशा सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। इतना ही नहीं वरिष्ठ कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कनाडाई प्रधानमंत्री की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा, इस प्लैनेट पर जस्टिन ट्रूडो राजनेता के भेष में सबसे बड़े जोकर हैं। वह भारत के लिए किसी भी अन्य भारत विरोधी की तरह ही खतरनाक हैं। भारत को तुरंत नई दिल्ली में कनाडाई उच्चायोग से सुरक्षा कम करनी चाहिए।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी खारिज किया दावा

पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कनाडाई प्रधानमंऋी ट्रूडो के बयान को खारिज किया है। उन्होंने कहा, हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ था, यह दावा पूरी तरह से निराधार है और वह केवल वोट बैंक की राजनीति है। उन्होंने कहा, 2018 में अपनी जब जस्टिन ट्रूडो अमृतसर यात्रा पर आए थे, तब मैंने उनके ध्यान में लाया था कि कैसे कनाडा की जमीन का उपयोग भारत के खिलाफ किया जा रहा है, फिर भी कनाडाई सरकार अब तक कोई भी उपचारात्मक उपाय करने में विफल रही है।

भारत ने ट्रूडो के बयान को बताया बेतुका

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोप के बाद भारत ने उनके बयान को बेतुका बताया है। भारत सरकार ने उनके बयान को खारिज करते हुए उनके दावे को निराधार और बेतुका ठहराया है। भारत सरकार ने कहा कि उनके बयान के पीछे कोई तथ्य नहीं है और यह राजनीतिक विचारों से प्रेरित बयान है।

भारत ने दिया कड़ा जवाब

कनाडा में भारतीय अधिकारी को निष्काषित किए जाने के कुछ देर बाद भारत ने भी कड़ा जवाब दिया है। भारत सरकार ने मंगलवार को कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया और एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, संबंधित राजनयिक को अगले पांच दिन में भारत से जाने का निर्देश दिया गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article