Justin Trudeau: भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच भले ही कई सियासी मुद्दों पर विरोधाभास हो, लेकिन कनाडा मसले पर कांग्रेस ने खुलकर मोदी सरकार का समर्थन किया है। पार्टी ने कहा है कि हमारे लिए राष्ट्रहित हमेशा सर्वोपरि रहा है। कांग्रेस पार्टी की ओर से यह बयान कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिल ट्रूडो द्वारा खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की मौत के लिए भारत सरकार को दोषी ठहराने के कुछ घंटों बाद आया है।
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स पर कहा, कांग्रेस पार्टी का हमेशा से मानना रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ हमारे देश की लड़ाई में किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से तब, जब आतंकवाद से भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरा हो। उन्होंने कहा, हमारे देश के हितों और चिंताओं को हमेशा सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। इतना ही नहीं वरिष्ठ कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कनाडाई प्रधानमंत्री की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा, इस प्लैनेट पर जस्टिन ट्रूडो राजनेता के भेष में सबसे बड़े जोकर हैं। वह भारत के लिए किसी भी अन्य भारत विरोधी की तरह ही खतरनाक हैं। भारत को तुरंत नई दिल्ली में कनाडाई उच्चायोग से सुरक्षा कम करनी चाहिए।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी खारिज किया दावा
पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कनाडाई प्रधानमंऋी ट्रूडो के बयान को खारिज किया है। उन्होंने कहा, हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ था, यह दावा पूरी तरह से निराधार है और वह केवल वोट बैंक की राजनीति है। उन्होंने कहा, 2018 में अपनी जब जस्टिन ट्रूडो अमृतसर यात्रा पर आए थे, तब मैंने उनके ध्यान में लाया था कि कैसे कनाडा की जमीन का उपयोग भारत के खिलाफ किया जा रहा है, फिर भी कनाडाई सरकार अब तक कोई भी उपचारात्मक उपाय करने में विफल रही है।
भारत ने ट्रूडो के बयान को बताया बेतुका
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोप के बाद भारत ने उनके बयान को बेतुका बताया है। भारत सरकार ने उनके बयान को खारिज करते हुए उनके दावे को निराधार और बेतुका ठहराया है। भारत सरकार ने कहा कि उनके बयान के पीछे कोई तथ्य नहीं है और यह राजनीतिक विचारों से प्रेरित बयान है।
भारत ने दिया कड़ा जवाब
कनाडा में भारतीय अधिकारी को निष्काषित किए जाने के कुछ देर बाद भारत ने भी कड़ा जवाब दिया है। भारत सरकार ने मंगलवार को कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया और एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक, संबंधित राजनयिक को अगले पांच दिन में भारत से जाने का निर्देश दिया गया है।
