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पृथ्वी की कक्षा छोड़ अब कहां पहुंचा अपना Chandrayaan-3? इसरो ने दिया ये अपडेट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 1, 2023, 09:40 AM IST

Chandrayaan-3 Mission Update: इसरो ने बताया कि चंद्रयान पृथ्वी की कक्षा छोड़ अब नए रास्ते पर है, अब यह रास्ता चंद्रयान-3 को चंद्रमा के करीब ले जाएगा। ताजा जानकारी के मुताबिक, इसरो ने चंद्रयान को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित करने की योजना 5 अगस्त को बनाई है।

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चंद्रयान-3

Photo : BCCL

Chandrayaan-3 Mission Update: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) के चंद्रयान-3 ने पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी है और अब यह चंद्रमा की कक्षा की ओर आगे बढ़ रहा है। इसरो की ओर से इसको लेकर ताजा जानकारी साझा की गई है। बताया गया है कि चंद्रयान-3 का अब अगला पड़ाव चंद्रमा है। इसरो ने मंगलवार को बताया कि चंद्रयान को ट्रांसलूनर ऑर्बिट में स्थापित कर दिया गया है।

इसरो ने जानकारी देते हुए बताया कि चंद्रयान-3 ने सोमवार को पृथ्वी की कक्षा की चारों ओर परिक्रमा को पूरा कर लिया है और अब यह तेजी से चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की ओर से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस्ट्रैक में एक एक सफल पेरिजी-फायरिंग की गई और इसे ट्रांसलून कक्षा में स्थापित कर दिया गया है।

चंद्रमा के करीब ले जाएगा नया रास्ता

इसरो ने बताया कि चंद्रयान पृथ्वी की कक्षा छोड़ अब नए रास्ते पर है, अब यह रास्ता चंद्रयान-3 को चंद्रमा के करीब ले जाएगा। ताजा जानकारी के मुताबिक, इसरो ने चंद्रयान को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित करने की योजना 5 अगस्त को बनाई है। इसरो के प्लान के मुताबिक, अंतरिक्ष एजेंसी 23 अगस्त को चंद्रयान-3 के लैंडर को चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की कोशिश करेगी। अगर इसरो इसमें कामयाब हो जाता है, तो यह ऐसा करने वाला दुनिया का पांचवा देश हो जाएगा।

गगनयान अभियान के लिए उपयोग होगा एलवीएम-एम 4 रॉकेट

इसरो ने मानव को अंतरिक्ष में ले जाने के देश के पहले कार्यक्रम में भी काफी बदलाव किया है। अब चंद्रयान-3 के रॉकेट एलवीएम-एम4 रॉकेट का उपयोग महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए भी किया जाएगा। इस अभियान के तहत इसरो तीन अंतरिक्ष यात्रियों को तीन दिन के लिए धरती की 400 किलोमीटर की कक्षा में ले जाएगा और उन्हें वापस धरती पर सुरक्षित लैंड कराया जाएगा।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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