कांग्रेस राज में रहते हुए रीता बहुगुणा जोशी ने जो गुनाह किया था, उसकी सजा उन्हें अब जाकर मिली है। बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी को एक मामले में कोर्ट ने छह महीने की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना अलग से लगाया है।
1100 का जुर्माना
मिली जानकारी के अनुसार रीता बहुगुणा जोशी को आचार संहिता उल्लंघन के मामले में छह महीने की सजा हुई है। साथ ही 1100 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इलाहाबाद (प्रयागराज) की मौजूदा सांसद जोशी को एमपी-एमएलए कोर्ट (सांसद-विधायक अदालत) के विशेष अपर मुख्य न्यायिक दंड़ाधिकारी अंबरीश कुमार श्रीवास्तव ने यह सजा सुनाई है।
किस मामले में रीता बहुगुणा जोशी को हुई सजा
कहानी 17 फरवरी 2012 की शाम करीब छह बजकर 50 मिनट की है। राती बुहगुणा जोशी लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र से बतौर कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा नगर के बजरंग नगर क्षेत्र में आचार संहिता का उल्लंघन कर प्रचार का समय समाप्त होने के बाद भी जनसभा को संबोधित कर रही थीं। इसकी सूचना मिलने पर ‘स्टेटिक सर्विलांस मजिस्ट्रेट’ मुकेश चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे और देखा करीब 50 लोगों की भीड़ बजरंग नगर के मकान संख्या 95 एवं 96 के बीच जाने वाली सड़क पर जमा थी और जोशी उन्हें संबोधित कर रही थीं। उन्होंने मौके पर वीडियो बनाया गया और उन्हें सभा से मना भी किया गया। इसके बाद मुकेश चतुर्वेदी द्वारा कृष्णा नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।मिल गई जमानत
सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत ने रीता बहुगुणा जोशी को हिरासत में ले लिया था। बाद में, उनकी ओर से दी गई जमानत अर्जी को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने बीस हजार रुपये का बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की जमानत दाखिल करने पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
