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Bihar Mid Day Meal: खाने में गिरी थी छिपकली, प्रिंसिपल को नजर आया बैंगन- खाते ही 200 बच्चे पहुंच गए अस्पताल

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 11, 2022, 10:05 PM IST

Bihar Mid Day Meal: हर साल मिड डे मील के खाने में छिपकली गिरने के कई मामले सामने आते हैं। जहरीले मीड डे मिल का भोजन खाने से दर्जनों बच्चों की तबीयत पहले भी खराब हो चुकी है। बिहार में ही ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। तीन दिन पहले ही भोजपुर में मिड डे मील खाने से 50 बच्चे बीमार पड़ गए थे।

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बिहार मिड डे मिल खाकर बीमार पड़े 200 बच्चे (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : BCCL

बिहार(Bihar) के भागलपुर जिले में मिड डे मील (Mid Day Meal) खाने से 200 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि खाने में छिपकली गिर गई थी, जिसके कारण पूरा खाना ही जहरीला हो गया।

यह घटना तब सामने आई जब एक छात्र, जिसने मिड डे मिल का खाना खाया था, पढ़ाई के दौरान गिर गया। जिसके बाद वो तुरंत बीमार पड़ गया। इसके बाद तो ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि एक के बाद एक बच्चे बीमार होने लगे। जब ज्यादा बच्चे बीमार पड़ने लगे तो स्कूल प्रशासन ही हालत खराब हो गई और उसने पुलिस को घटना की सूचना दी। वहीं बीममार छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन बच्चों का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आठवीं कक्षा के एक छात्र की थाली में एक मरी हुई छिपकली मिली थी। छात्र जब प्रिंसिपल के पास शिकायत करने गए तो उन्हें बताया गया कि यह बैगन है, छिपकली नहीं। छात्रों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने उन्हें जबरदस्ती खाना खिलाया था। शिक्षा विभाग ने इस मामले को संज्ञान में ले लिया है और पुलिस ने कहा कि दोषी पाए जाने पर स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अभी कुछ दिन पहले ही बिहार के भोजपुर में मिड डे मिल का खान खाने से 50 से ज्यादा बच्चे बीमार पड़ गए थे। यहां बच्चों को मिड डे मील से पहले एल्बेंडाजोल दवा नामक दवा खिलाई थी। जिसके बाद जब बच्चों ने खाना खाया तो उन्हें उल्टी, पेट दर्द, चक्कर जैसी तकलीफें होने लगीं थीं। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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