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दरभंगा में AIIMS को लेकर तेजस्वी ने PM Modi पर साधा निशाना, कहा- पीएम ने बोला 'सफेद झूठ'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 13, 2023, 08:34 AM IST

Darbhanga AIIMS: ​ तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सफेद झूठ बोला है। मैंने उनका भाषण सुना, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि उन्होंने दरभंगा में एम्स की स्थापना कैसे की गई। उन्होंने कहा, यह सरासर झूठ है।

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बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव

Photo : BCCL

Darbhanga AIIMS: बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMs) के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। बता दें, पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में पंचायती राज परिषद को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपने संबोधन में दरभंगा एम्स की बात की।

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि देश के सभी हिस्सों में प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को चिकित्सा उपचार के लिए लंबी दूरी की यात्रा न करनी पड़े।

तेजस्वी यादव ने किया पलटवार

पीएम मोदी के इस दावे पर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सफेद झूठ बोला है। मैंने उनका भाषण सुना, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि उन्होंने दरभंगा में एम्स की स्थापना कैसे की गई। उन्होंने कहा, यह सरासर झूठ है। तेजस्वी यादव ने कहा, मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूं कि बोलने से पहले जांच कर लें क्योंकि झूठ बोलना उन्हें शोभा नहीं देता।

दरभंगा में नहीं है कोई एम्स

उन्होंने कहा कि यह सर्वविदित है कि दरभंगा शहर में कोई एम्स नहीं है। नीतीश कुमार के प्रयासों से ही दरभंगा के लिए एम्स की परिकल्पना की गई। उन्होंने कहा, सीएम नीतीश कुमार ने निर्णय लिया गया कि एम्स दरभंगा में बनाया जाएगा। राज्य सरकार ने दरभंगा एम्स के लिए लगभग 151 एकड़ जमीन मुफ्त में स्वीकृत की थी, जो एयरपोर्ट से केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर है।

तेजस्वी ने मांडविया को लिखा पत्र भी किया ट्वीट

तेजस्वी यादव ने इस दौरान ट्विटर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को लिखा एक पत्र भी साझा किया। इसके मुताबिक, उन्होंने दावा किया कि एक केंद्रीय मंत्री और भाजपा के दरभंगा सांसद के राजनीतिक दबाव के कारण एम्स के लिए भूमि की मंजूरी को अस्वीकार कर दिया गया था। अस्वीकृति के बाद, मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को फोन किया जिन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वह इस पर गौर करेंगे। तेजस्वी यादव ने अपने ट्विटर हैंउल पर लिखा, आज प्रधानमंत्री जी दरभंगा में एम्स खुलवाने का झूठा श्रेय ले रहे थे। वस्तुस्थिति यह है कि बिहार सरकार ने निशुल्क 151 एकड़ जमीन केंद्र को इसकी स्थापना के लिए दी है साथ ही 250 करोड़ से अधिक मिट्टी भराई के लिए आवंटित किया गया है। दुर्भाग्यवश राजनीति करते हुए केंद्र ने प्रस्तावित AIIMS के निर्माण को स्वीकृति नहीं दी। प्रधानमंत्री से देश कम से कम सत्य और तथ्य की अपेक्षा करता है, लेकिन उन्होंने सफेद झूठ बोला।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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