Gujarat News: गुजरात में भूपेंद्र पटेल सरकार ने बुधवार को सत्ता में अपने दो वर्ष पूरे कर लिए। राज्य के विकास के लिए अपने इस दो वर्षों के कार्यकाल में भूपेंद्र सरकार ने कई अहम फैसले किए। इनमें से एक बड़ा फैसला स्थानीय चुनावों में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की जस्टिस झावेरी आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करना माना गया है। इससे अनुसार मेयर, डिप्टी मेयर एवं नगरपालिकाओं के सभी पदों पर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू होगा।
फिनटेक हब की स्थापना
राज्य सरकार की ओर से लिए गए बड़े फैसलों में GIFT सिटी में एक नया फिनटेक हब की स्थापना करना भी है। यहां से राज्य की शिक्षा एवं शोध की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ इन क्षेत्रों को एक नया आयाम मिलेगा। इसके लिए पटेल सरकार ने 3.76 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। यही नहीं, आधुनिक तकनीक पर राज्य सरकार का खासा जोर है। छात्र आधुनिक समय की लेटेस्ट तकनीक सीख सकें इसके लिए 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का खाका खींचा गया है।
400 ज्ञानसेतु डे स्कूल
इसके तहत सरकारी स्कूलों एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों में छात्रों आधुनिक तकनीक सीखाई जाएगी। छात्र रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, साइबर सिस्टम और क्लाउड सर्विस जैसे गंभीर एवं आधुनिक विषयों एवं तकनीक की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा कक्षा 6 से 12 में छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने 400 ज्ञानसेतु डे स्कूल की व्यवस्था की है। जबकि उच्च शिक्षा के लिए 33,000 से ज्यादा युवाओं को वित्तीय मदद दी गई है।
राज्य स्तर पर नीति आयोग
राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए पटेल सरकार ने केंद्र के नीति आयोग की तर्ज पर प्रदेश स्तर वाली नीति आयोग की शुरुआत की है। साथ ही आम आमदी की भलाई के लिए राज्य सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। सरकारी गोदाम से अनाज की चोरी रोकने के लिए एसआईटी बनाई गई है। गोदामों में उच्च गुणवत्ता युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
2400 अमृत सरोवर का निर्माण
इन दो सालों में राज्य में कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की ओर से विशेष कदम उठाए गए हैं। खेतों तक पानी पहुंचाने एवं फसलों की सिंचाई के लिए सरकार ने करीब 2400 अमृत सरोवर का निर्माण कराया है। सिंचाई के लिए 2.27 मिलियन एकड़ फीट ज्यादा पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही नैसर्गिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 20 लाख से ज्यादा किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है। राज्य में सात लाख किसान ऑर्गेनिक खेती भी कर रहे हैं।
