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रामपुर विधानसभा सीट पर अधिसूचना जारी करने पर लगी रोक, आजम खान की अपील पर सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को निर्देश

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 9, 2022, 04:48 PM IST

हेट स्पीच मामले (Hate speech case) दोषी ठहराए जाने के बाद आजम खान (Azam Khan) ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। इसकी सु्नवाई 10 नवंबर को होगी। शीर्ष अदालत ने फैसला आने तक चुनाव आयोग (Election Commission) को निर्देश दिया कि रामपुर विधानसभा सीट पर चुनाव (Rampur Assembly seat election) की अधिसूचना जारी ना करे।

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सपा नेता आजम खान

Photo : ANI

सुप्रीम कोर्ट ने रामपुर के सत्र न्यायालय को 10 नवंबर को नफरत भरे भाषण मामले (hate speech case) में दोषी ठहराए जाने पर रोक लगाने की मांग वाली आजम खान (Azam Khan) की अर्जी पर सुनवाई करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग (Election Commission) को 11 नवंबर को या उसके बाद रामपुर विधानसभा सीट (यूपी में) के चुनाव (Rampur Assembly seat election) कार्यक्रम की घोषणा के लिए एक गजट अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया, जो कि सपा नेता आजम खान की सजा पर रोक के आवेदन के परिणाम पर निर्भर करता है।

गौर हो कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में रामपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट ने आजम खान को हेट स्पीच के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल जेल की सजा सुनाई थी। अदालत के इस फैसले के बाद आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। गौर हो कि सुप्रीम कोर्ट के जुलाई 2013 में जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक अगर किसी सांसद या विधायक को किसी भी मामले में दो साल से ज्यादा की सजा होती है तो उसकी संसद और विधानसभा से सदस्यता कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के दिन से रद्द हो जाता है।

इसी कानून के तहत समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द की गई। 2019 के हेट स्पीच मामले में आजम खान को 3 साल जेल की सजा और 6 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। खान ने यूपी विधानसभा चुनाव में रामपुर सदर विधानसभा सीट से रिकॉर्ड 10 वीं बार जीत हासिल की थी। विधायक बनने के बाद उन्होंने रामपुर से लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

आजम खान को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 153-क (धार्मिक भावनाएं भड़काना), 505-क (विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा या वैमनस्य की भावनाएं पैदा करने के आशय से असत्य कथन) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 (चुनाव के सिलसिले में विभिन्न वर्गों के बीच वैमनस्य बढ़ाना) के तहत सजा सुनाई गई थी।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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