Bypoll on Rampur Assembly seat : रामपुर लोकसभा सीट पर गत जून में उपचुनाव हुआ। मुस्लिम बहुल इस सीट पर ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत दर्ज की। अपने इस प्रदर्शन को भगवा पार्टी अब रामपुर विधानसभा सीट पर अगले महीने होने जा रहे उपचुनाव में दोहराना चाहती है। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की एमपी-एमएलए कोर्ट से तीन साल की सजा होने पर उनकी विधायकी चली गई है। विधानसभा की इस सीट पर पांच दिसंबर को मतदान होगा। खास बात यह है कि उपचुनाव में सपा का गढ़ भेदने वाली भाजपा इस सीट पर मुस्लिम उतारने की सोच रही है।
मैनपुरी एवं खतौली सीट पर भी चुनाव
रामपुर विधानसभा सीट के अलावा उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर की खतौली सीट और मैनपुरी की लोकसभा सीट पर भी पांच दिसंबर को उपचुनाव होगा। मैनपुरी सीट सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के देहांत के बाद खाली और खतौली सीट भाजपा विधायक विक्रम सिंह सैनी की सदस्यता जाने की वजह से रिक्त हुई है। रामपुर और मैनपुरी सीट पर सपा अपने उम्मीदवार और खतौली सीट पर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) अपना प्रत्याशी खड़ा करेगी। मैनपुरी सीट से सपा अपने यादव कुनबे से और रामपुर सीट पर आजम खान की पसंद के उम्मीदवार को टिकट दे सकती है।
भाजपा ने उम्मीदवारों के नाम मांगे
रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा ने इन सीटों के लिए पार्टी के जिला एवं क्षेत्रीय यूनिटों को उम्मीदवारों का नाम भेजने के लिए कहा है। इन नामों पर पहले राज्य का नेतृत्व चर्चा करेगा। इसके बाद चयनित नाम आगे केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजेगा जिस पर चर्चा कर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष के बयान ने दी अटकलों को हवा
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि रामपुर विधानसभा सीट के लिए कई नाम रेस में हैं। भाजपा का एक धड़ा इस सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारने के पक्ष में है। उम्मीदवारी को लेकर अभी पार्टी के सभी विकल्प खुले हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि उम्मीदवार यदि जीत दर्ज करने में सक्षम है तो पार्टी उसे टिकट देने में हिचकिचाएगी नहीं, प्रत्याशी चाहे किसी भी धर्म से ताल्लुक रखता हो। प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान को मुस्लिम उम्मीदवार से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
चर्चा में हैं कई नाम
सूत्रों का कहना है कि रामपुर सीट पर आकाश सक्सेना, भरत भूषण गुप्ता के नाम की चर्चा है। सक्सेना 2022 के चुनाव में आजम खान के खिलाफ उम्मीदवार थे। जबकि भारत भूषण ने इस सीट पर 2019 का उपचुनाव लड़ा था लेकिन वह करीब 8,000 वोटों से चुनाव हार गए।
