Delhi: शराब की दुकानों के बाहर नोटबंदी के समय जैसी कतारें, अगस्त माह तक मिलता रहेगा डिस्काउंट!

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 31, 2022, 01:08 PM IST

Delhi Liquor Policy: शनिवार को दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने जैसे ही ऐलान किया कि सरकार नई शराब नीति को वापस लेगी, तो इसके बाद से ही शराब की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई।

Delhi: शराब की दुकानों के बाहर नोटबंदी के समय जैसी कतारें, अगस्त माह तक मिलता रहेगा डिस्काउंट!

Delhi Liquor Excise Rollback: दिल्ली में पुरानी आबकारी नीति लागू होने के बाद से अब सरकारी दुकानों पर ही शराब मिलने का रास्ता साफ हो गया है। शनिवार को जैसे ही दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पुरानी शराब नीति को वापस लेने का ऐलान किया तो शराब विक्रेताओं की आशंकाएं तेज हो गई है पुराने स्टॉक को खत्म करने के लिए शराब विक्रेताओं ने भारी डिस्काउंट देना शुरू कर दिया। शराब की दुकानों के बाहर लोगों की नोटबंदी की अवधि से अधिक लंबी कतारें देखी गईं।

एक महीने तक चलता रहेगा डिस्काउंट

दरअसल, नई आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद से दिल्ली सरकार बैकफुट पर है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को ऐलान किया था नई आबकारी नीति को खत्म कर पुरानी आबकारी नीति को सोमवार से राष्ट्रीय राजधानी में लागू किया जाएगा, हालांकि अब नई नीति अगस्त तक जारी रहेगी यानि डिस्काउंट ऑफर अभी चलता रहेगा।कहा जा रहा है कि सरकार शराब की प्राइवेट दुकानों को एक महीने और खोलने की इजाज़त देने की तैयारी कर रही है। सरकार का ये फ़ैसला इस लिए क्योंकि शराब की सरकारी दुकानें खुलने में एक महीने का वक्त  लग सकता है।

ऑफर के चक्कर में लगा जाम

शनिवार को जैसे ही लोगों को नई नीति के खत्म होने की खबर मिली तो लोग शराब की दुकानों की तरफ भागने लगे। कई जगह एक के साथ एक फ्री वाला ऑफर लागू हुआ तो भीड़ और बढ़ गई। कमोवेश दिल्ली की हर दुकान का हाल यही था और लोगों की लंबी-लंबी कतारें दुकानों के बाहर देखी गई। दक्षिण दिल्ली के देवली रोड में शराब की दुकानों पर लंबी कतारें लगने से देवली मेन रोड पर कई घंटों तक जाम जग गया जिसकी वजह से लोग 1 घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रह गए। 

आपको बता दें कि दिल्ली में नई नीति के बाद 260 प्राइवेट दुकानों पर शराब की बिक्री हो रही थी लेकिन नई नीति रद्द होने के बाद इन दुकानों पर संकट बढ़ गया है जिसके बाद यहां स्टॉक खत्म करने के लिए भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है।

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