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G-20 Summit: भारत मंडपम में लगी नटराज की सबसे बड़ी मूर्ति, अपनाई गई खास तकनीक, जानिए खासियतें

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Sep 6, 2023, 04:07 PM IST

तमिलनाडु में कुंभकोणम में स्वामीमलाई के कारीगरों ने शिल्प शास्त्र या मूर्तिकला के विज्ञान में निर्धारित प्राचीन सिद्धांतों और मापों का पालन करते हुए खो चुकी मोम कास्टिंग प्रक्रिया अपनाकर इसे तैयार किया है।

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जी 20 सम्मेलन के लिए लगी विशालकाय नटराज की मूर्ति

Natraj At G20 Summit: नई दिल्ली में होने वाले जी-20 सम्मेलन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। आईटीपीओ परिसर में भारत मंडपम के सामने लगी देश की सबसे ऊंची नटराज मूर्ति आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। ये मूर्ति 27 फीट ऊंची, 20 टन वजनी कांस्य प्रतिमा है जो 9-10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान आकर्षण का केंद्र रहेगा। यह मूर्ति पारंपरिक कास्टिंग विधियों और अष्ट धातु का उपयोग करके बनाई गई है, जो आठ धातुओं का मिश्रण है। जिसमें 87% तांबा है। नटराज अपनी गतिशील नृत्य मुद्रा में भगवान शिव हैं, जिन्हें तांडव भी कहा जाता है, जो एक ही मुद्रा में निर्माता, संरक्षक और विध्वंसक के रूप में शिव की भूमिकाओं को दर्शाता है।

पुरानी तकनीक से तैयार

एक अधिकारी के मुताबिक, तमिलनाडु में कुंभकोणम में स्वामीमलाई के कारीगरों ने शिल्प शास्त्र या मूर्तिकला के विज्ञान में निर्धारित प्राचीन सिद्धांतों और मापों का पालन करते हुए खो चुकी मोम कास्टिंग प्रक्रिया अपनाकर इसे तैयार किया है। इस जटिल निर्माण प्रक्रिया में कई चरण शामिल हैं, जिसमें आधार संरचना के रूप में काम करने के लिए मिट्टी की आर्मेचर आकृति का निर्माण भी शामिल है। मिट्टी के आर्मेचर के ऊपर मोम की परत लगाना, विस्तृत परिष्करण और पॉलिशिंग शामिल है।

325,000 मानव-घंटे लगे

अधिकारियों ने कहा कि नटराज की मूर्ति को जीवंत बनाने के लिए लगभग 325,000 मानव-घंटे समर्पित किए गए। मोम मॉडलिंग की प्रक्रिया में मोम और काले डैमर रेसिन को थोड़े से तेल के साथ मिलाना शामिल है। कुशल कारीगर मूर्ति के धड़, अंग, सिर और आसन सहित मूर्ति के विभिन्न हिस्सों को आकार देने के लिए अपने हाथों का उपयोग करते हैं। यह सांचा पानी के साथ मिश्रित बारीक जलोढ़ मिट्टी का उपयोग करके बनाया जाता है, जिसके बाद की परतें मोटी और खुरदरी होती जाती हैं। मोम के मॉडल वाले सांचे को अंदर से मोम हटाने के लिए सुखाया जाता है और गर्म किया जाता है, जिसके बाद एक खोखला ढांचा बन जाता है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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