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Heatwave Health Warning: भीषण गर्मी में इन 5 बीमारियों के मरीज रहें सावधान, अचानक बिगड़ सकती है हालत

Heatwave Health Warning: देश में इस समय भीषण हीटवेव का खतरा देखने को मिल रहा है। आज हम आपको 5 ऐसी बीमारियों वाले लोगों के बारे में बताएंगे जिन्हें इस भीषण गर्मी में ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।

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भीषण गर्मी में सावधान रहें ये 5 लोग

Heatwave Health Warning: देशभर में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। तेज धूप, गर्म हवाएं और हीटवेव का असर अब लोगों की सेहत पर सीधे पड़ने लगा है। खासतौर पर ऐसे लोग जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह मौसम बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक गर्मी में शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे कई बीमारियों की स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी (Summer Health Tips) आपकी सेहत को सुरक्षित रख सकती है। आइए जानते हैं 5 ऐसी बीमारियों के बारे में जिससे पीड़ित लोगों को गर्मी में ज्यादा सावधान रहना चाहिए।

हार्ट पेशेंट को खतरा

भीषण गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे अक्सर हार्ट रेट बढ़ जाता है और ब्लड प्रेशर तेज हो सकता है। इसलिए जिन लोगों को हार्ट से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें ज्यादा गर्मी में सीने में दर्द, सांस फूलना और कमजोरी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ऐसे लोगों को धूप में निकलने से बचना चाहिए और शरीर में पानी की कमी न होने दें।

डायबिटीज के मरीज

गर्मी में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है, जिसका असर ब्लड शुगर लेवल पर पड़ सकता है। ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है। इससे अचानक शुगर लेवल बढ़ या घट सकता है। यही कारण है कि ज्यादा गर्मी में शुगर पेशेंट्स को अधिक सावधान रहना चाहिए।

अस्थमा और सांस के मरीज

अस्थमा और सांस के मरीजों के लिए तेज गर्मी गर्म हवाएं, धूल और प्रदूषण परेशानी लेकर आते हैं। तेज गर्मी में सांस लेने में दिक्कत, खांसी और घबराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इन दिनों में अस्थमा मरीज घर से बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें और अपनी इनहेलर या जरूरी दवाइयां हमेशा साथ रखें।

ब्लड प्रेशर के मरीज

गर्मी में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने से बीपी के मरीजों को चक्कर आना, सिरदर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है। कई बार अचानक बीपी लो या हाई होने का खतरा भी रहता है। ऐसे में इन दिनों में नियमित दवा लेना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है।

लो-इम्यूनिटी वाले लोग

हीटवेव का असर बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। क्योंकि इनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, और उनका शरीर तापमान को जल्दी नियंत्रित नहीं कर पाता है। इन लोगों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा जल्दी बढ़ जाता है। इसलिए बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर की तेज धूप से निकलने से बचाना चाहिए।

gulshan kumar
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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