How Hypertension Impacts Kidney Health: आमतौर पर लोगों को हमेशा लगता है कि उनका हाई ब्लड प्रेशर कोई बड़ी बात नहीं है। वे सोचते हैं थोड़ा बीपी बढ़ा है, दवा ले लेंगे तो ठीक हो जाएगा। यही सोचकर वह अक्सर अपनी दवा और जांच टाल देते थे। ऐसे में ऑफिस का तनाव, बाहर का खाना और भागदौड़ भरी जिंदगी लोगों की रोजमर्रा की आदत बन जाती है। लेकिन फिर एक दिन आता है, जब अचानक उनके पैरों में सूजन होने लगती है, शरीर हर समय थका-थका महसूस होता है और बार-बार चक्कर आते हैं। जब समस्या लेकर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, तो पता चलता है लंबे समय से कंट्रोल में न रहने वाला हाई ब्लड प्रेशर उनकी किडनी को नुकसान (kidney damage) पहुंचा चुका है।
असल में यही हाई बीपी की सबसे खतरनाक बात है। यह शरीर को धीरे-धीरे अंदर से नुकसान पहुंचाता रहता है और शुरुआत में कोई बड़ा संकेत भी नहीं देता। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ दिल की बीमारी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर किडनी के लिए भी बेहद खतरनाक हो सकता है। आइए जानते हैं हाई ब्लड प्रेशर को नजरअंदाज करना क्यों किडनी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है ।
किडनी स्वास्थ्य पर कैसे होता है हाई ब्लड प्रेशर का असर
दिल्ली के सीके बिड़ला हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट कंसल्टेंट डॉ. अमित प्रकाश सिंह बताते हैं कि लंबे समय तक हाई बीपी रहने से किडनी की छोटी-छोटी नसें कमजोर होने लगती हैं, जिससे उसकी काम करने की क्षमता धीरे-धीरे कम हो सकती है। इसलिए समय रहते सावधानी और नियमित जांच बेहद जरूरी है।
किडनी शरीर में क्या काम करती है
किडनी शरीर की सफाई करने वाली मशीन की तरह काम करती है। यह खून से गंदगी और अतिरिक्त पानी को छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। इसके अलावा शरीर में पानी, नमक और जरूरी मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में भी किडनी की बड़ी भूमिका होती है।
डॉ. अमित प्रकाश सिंह बताते हैं कि किडनी के अंदर बहुत छोटी और नाजुक रक्त नलिकाएं होती हैं। जब ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो इन नलिकाओं पर दबाव बढ़ने लगता है और धीरे-धीरे ये कमजोर होने लगती हैं।

किस तरह किडनी को नुकसान पहुंचाता है बढ़ा हुआ बीपी
हाई बीपी कैसे किडनी को पहुंचाता है नुकसान
जब ब्लड प्रेशर लगातार हाई रहता है, तो खून तेजी से नसों पर दबाव डालता है। इसका असर किडनी की छोटी नसों पर भी पड़ता है। धीरे-धीरे ये नसें सिकुड़ने लगती हैं और सही तरीके से काम नहीं कर पातीं। ऐसी स्थिति में किडनी खून को ठीक तरह साफ नहीं कर पाती। शरीर में गंदगी और अतिरिक्त पानी जमा होने लगता है। अगर समय रहते इलाज न हो, तो किडनी की बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।
डॉ. निश्चय बी., जो नेफ्रोप्लस में सीनियर कंसल्टेंट नेफ्रोलॉजिस्ट हैं, बताते हैं कि हाई बीपी और किडनी की बीमारी दोनों ही अक्सर बिना लक्षण के बढ़ती हैं। कई लोगों को तब पता चलता है, जब किडनी काफी कमजोर हो चुकी होती है।
शुरुआत में क्यों नहीं दिखते लक्षण
हाई ब्लड प्रेशर को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है, क्योंकि यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। शुरुआत में व्यक्ति बिल्कुल सामान्य महसूस कर सकता है। किडनी खराब होने की शुरुआत भी अक्सर बिना किसी साफ संकेत के होती है। इसलिए लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। बाद में जब बीमारी बढ़ जाती है, तब शरीर कुछ संकेत देने लगता है, जैसे:
- पैरों में सूजन आना
- जल्दी थकान महसूस होना
- कमजोरी लगना
- पेशाब में बदलाव होना या बीपी का लगातार बढ़ा रहना
- कुछ लोगों को ध्यान लगाने में परेशानी और भूख कम लगने जैसी दिक्कत भी हो सकती है।

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किन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ लोगों में हाई बीपी से किडनी खराब होने का खतरा ज्यादा होता है। अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज है, वजन ज्यादा है या परिवार में किसी को किडनी की बीमारी रही है, तो उसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत होती है। इसके अलावा ज्यादा नमक खाना, बाहर का जंक फूड, धूम्रपान और बिल्कुल भी एक्सरसाइज न करना भी जोखिम बढ़ा सकता है।
द्वारका स्थित आकाश हेल्थकेयर मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट विभाग के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. अनुपम रॉय के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल और तनाव की वजह से आजकल कम उम्र में भी हाई बीपी की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
हाई बीपी और किडनी की बीमारी का गहरा रिश्ता
डॉक्टरों का कहना है कि हाई बीपी सिर्फ किडनी को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि खराब किडनी भी ब्लड प्रेशर को और ज्यादा बढ़ा सकती है। जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती, तो शरीर में नमक और पानी जमा होने लगता है। इससे ब्लड प्रेशर और बढ़ सकता है। यही वजह है कि दोनों समस्याएं मिलकर शरीर को ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं।
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो मरीज को आगे चलकर डायलिसिस जैसी गंभीर स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है।

किडनी को बीपी के असर से बचाने और हेल्दी रखने के आसान तरीके
समय पर जांच और बचाव है जरूरी
डॉक्टरों के मुताबिक सबसे जरूरी है कि लोग नियमित रूप से अपना ब्लड प्रेशर चेक करवाएं। अगर बीपी बार-बार बढ़ रहा है, तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें। खाने में नमक कम करें, रोजाना थोड़ा पैदल चलें, वजन कंट्रोल में रखें और पर्याप्त पानी पिएं। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी जरूरी है।
अगर डॉक्टर ने बीपी की दवा दी है, तो उसे बीच में बंद नहीं करना चाहिए। कई लोग दवा कुछ दिन लेने के बाद छोड़ देते हैं, जो आगे चलकर किडनी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
डॉक्टरों का मानना है कि सही समय पर जांच, हेल्दी लाइफस्टाइल और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखकर किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
