हिंदुस्तान में चुनावी सीजन से पहले आरक्षण को लेकर सियासी संग्राम देखने को मिला है। महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा और हो-हल्ले के बीच विपक्ष ने ओबीसी यानी अन्य पिछड़ा वर्ग को भी मुद्दा बनाने के प्रयास किए। ऐसा इसलिए क्योंकि चुनावों में यही ओबीसी वर्ग के लोग इनकी किस्मत को बदलने की ताकत रखते हैं। आइए, समझते हैं कि आखिरकार अपने देश के सियासी दलों के बीच ये ओबीसी क्यों महान और महत्वपूर्ण हो गए हैं:
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चुनावों से पहले आरक्षण पर छिड़ा संग्राम! समझें- देश में सियासी दलों के लिए OBC क्यों हैं 'महान'
- Compiled by: अभिषेक गुप्ता
- Updated Sep 21, 2023, 02:26 PM IST
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आबादी का आखिरी प्रामाणिक डेटा साल 1931 की जनगणना है। आगे साल 2011 में सामाजिक आर्थिक जनगणना के डेटा को पब्लिक नहीं किया गया था।
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