एक्सप्लेनर्स

इंटरनेट ने दुनिया को किया लाचार! कैसे सुस्त पड़ा माइक्रोसॉफ्ट का सर्वर; समझें 5 साइड इफेक्ट

Microsoft Global Outage: दुनियाभर में अचानक इंटरनेट सेवा बाधित हो गई। ये सवाल उठने लगे कि कहीं ये साइबर हमला तो नहीं है। बैंक, एयरलाइन और मीडिया सेवाएं प्रभावित हुईं। माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल आउटेज के चलते कई देशों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आपको इसके 5 साइड इफेक्ट से रूबरू कराते हैं।

Image

माइक्रोसॉफ्ट में आई समस्या के साइड इफेक्ट समझिए।

Internet Services Side Effects: आजकल दुनिया पूरी तरह ऑनलाइन हो चुकी है, अलग-अलग देश इस बात का ढिंढोरा पीटते हैं कि वो डिजिटल युग में लगातार तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि इस डिजिटलाइजेशन के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। यदि आपको इस बात का गुमां है कि आप वक्त के साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं, मॉर्डन परिवेश के साथ अपना स्वभाव बदल रहे हैं, खुद को डिजिटलाइज कर रहे हैं, तो आपको सचेत हो जाना चाहिए। क्योंकि हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। जिसका फायदा होता है, उसके नुकसान भी होते हैं।

समझिए माइक्रोसॉफ्ट में आई समस्या के साइड इफेक्ट

माइक्रोसॉफ्ट में व्यापक व्यवधान के कारण दुनिया भर में शुक्रवार को उड़ानों, बैंक, मीडिया संस्थानों और कंपनियों का कामकाज प्रभावित हुआ है। कई घंटे तक व्यवधान कायम रहने के बाद प्रौद्योगिकी कंपनी ने कहा है कि वह धीरे-धीरे माइक्रोसॉफ्ट 365 ऐप और सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करने वाली समस्या को ठीक कर रही है।

Online Lockdown 1

दुनियाभर में लोगों को हुई भारी मुश्किलें।

1). बैंकिंग सेवाएं पड़ी ठप

माइक्रोसॉफ्ट की सेवाओं में शुक्रवार को आई समस्याओं का असर बैंकिंग सेवाओं में देखा गया। जहां लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बैंकों की सेवाएं ठप पड़ गईं, जिसके चलते लेन-देन में भारी परेशानी आई। न्यूजीलैंड के कुछ बैंकों ने कहा कि उनका कामकाज भी प्रभावित हुआ है। न्यूजीलैंड के बैंकों एएसबी और किवीबैंक ने सेवाएं बंद होने की बात की है। हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट के वैश्विक संकट से उसकी प्रणाली अप्रभावित हैं।

2). एयरलाइन सेवाएं हुई बाधित

माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल आउटेज के चलते अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चेक इन प्रणाली (Microsoft crowdstrike Issue) बंद पड़ गईं। रिपोर्ट्स की मानें तो इसके चलते अकासा, स्पाइसजेट समेत अन्य एयरलाइंस में भी ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुईं। दुनियाभर के यात्रियों को इसके चलते मुसीबतें झेलनी पड़ीं। एयरलाइन और हवाई अड्डों पर भी समस्याएं बढ़ने की जानकारी मिली है। अमेरिका में एफएए ने कहा कि यूनाइटेड, अमेरिकन, डेल्टा और एलीगेंट समेत सभी एयरलाइन का संचालन बंद कर दिया गया है।

Online Lockdown Impact on Fights

विमानों की उड़ानों पर पड़ा असर।

3). स्वास्थ्य एवं आपात सेवाओं पर असर

इंटरनेट सेवाओं में आई रुकावटों का असर आपात सेवाओं पर भी देखा गया। स्वास्थ्य सेवाओं में काफी उतार-चढ़ाव आए। कंप्यूटर सिस्टम पर कामकाज नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते उपभोक्ताओं के सामने चुनौतियां खड़ी हो गईं। भुगतान प्रणाली में खराबी के कारण दुकानदार कुछ सुपरमार्केट और दुकानों पर भुगतान करने में असमर्थ रहे।

4). मीडिया सेक्टर की गति हुई धीमी

ऑस्ट्रेलिया में समाचार संस्थानों ने बताया कि एयरलाइंस, दूरसंचार सेवाएं और बैंक व मीडिया संस्थानों में कंप्यूटर सिस्टम पर कामकाज नहीं हो पा रहा है। अमेरिका के कई मीडिया संस्थानों में काम की रफ्तार धीमी पड़ गई। भारतीय मीडिया पर भी इसका असर देखने को मिला। कंप्यूटर के ठप पड़ जाने के चलते खबरों के प्रसारण में असर देखने को मिला। एबीसी और स्काई न्यूज समेत ऑस्ट्रेलियाई समाचार संस्थानों में टीवी और रेडियो चैनलों पर प्रसारण नहीं हो पा रहा था और विंडोज-आधारित कंप्यूटरों के अचानक बंद होने की सूचना मिली।

5). इंटरनेट सर्विसेस पर असर

इंटरनेट रुकावटों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘डाउनडिटेक्टर’ ने बताया कि वीजा, एडीटी सिक्योरिटी और अमेजन, तथा अमेरिकन एयरलाइंस और डेल्टा समेत विभिन्न एयरलाइन के कामकाज में व्यवधान बढ़ा है। इस दौरान माइक्रोसॉफ्ट 365 ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि कंपनी ‘प्रभावित ट्रैफिक को वैकल्पिक प्रणालियों पर पुनर्निर्देशित करने पर काम कर रही है ताकि अतिशीघ्रता से प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके’ और वे ‘सेवा उपलब्धता में सकारात्मक रुझान देख रहे हैं।’

Microsoft

माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल आउटेज।

दुनियाभर में उड़ानों पर देखा गया बड़ा असर

कंप्यूटर संबंधी समस्याओं के कारण यूनाइटेड किंगडम में एयरलाइंस, रेलवे और टेलीविजन स्टेशन बाधित हो रहे हैं। बजट एयरलाइन सेवा रेयानएयर, ट्रेन सेवा ट्रांसपेनिन एक्सप्रेस व गोविया थेम्सलिंक रेलवे और ‘स्काई न्यूज’ में भी कामकाज प्रभावित हुआ है। रेयानएयर ने कहा, "हम फिलहाल प्रौद्योगिकी में व्यवधान के कारण पूरे नेटवर्क में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं, जो हमारे नियंत्रण से बाहर है। हम सभी यात्रियों को सलाह देते हैं कि वे अपने निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम तीन घंटे पहले हवाई अड्डे पर पहुंचें।"

ऑस्ट्रेलियाई हवाई अड्डों पर व्यापक समस्याए सामने आई हैं, जहां यात्रियों की कतारें बढ़ गईं और कुछ यात्री फंस गए हैं। मेलबर्न में यात्रियों को चेक-इन के लिए एक घंटे से ज़्यादा समय तक कतार में खड़ा रहना पड़ा। एम्स्टर्डम के शिफोल हवाई अड्डे ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि इस व्यवधान का उड़ानों पर "बड़ा असर" पड़ रहा है। जर्मनी में, बर्लिन हवाई अड्डे ने शुक्रवार सुबह कहा कि “तकनीकी खराबी के कारण, चेक-इन में देरी होगी।” जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार हवाई अड्डे ने कहा है कि उड़ानें 10 बजे तक निलंबित कर दी गई हैं, हालांकि इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं मिली है। रोम के लियोनार्दो दा विंची हवाई अड्डे पर अमेरिका जाने वाली कुछ उड़ानों में देरी हुई, जबकि अन्य पर कोई असर नहीं पड़ा। ऑस्ट्रेलिया में एनएबी, कॉमनवेल्थ और बेंडिगो बैंकों और वर्जिन ऑस्ट्रेलिया व क्वांटास एयरलाइंस के साथ- साथ ही टेल्स्ट्रा जैसी इंटरनेट सेवा कंपनी में भी कामकाज प्रभावित हुआ है।

सर्वर की समस्या को लेकर माइक्रोसॉफ्ट ने क्या कहा?

वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह तीसरे पक्ष के सॉफ्टवेयर मंच के अपडेट की वजह से विंडोज संचालित उपकरणों के प्रभावित होने की समस्या से अवगत है। इस संबंध में माइक्रोसॉफ्ट के एक प्रवक्ता ने कहा था, 'हमें उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा।' हालांकि फिलहाल इस समस्या से दुनिया धीरे-धीरे उबर चुके हैं। कंपनी प्रवक्ता ने कहा, 'हम तीसरे पक्ष के सॉफ्टवेयर मंच के अपडेट के कारण विंडोज उपकरणों को प्रभावित करने वाली समस्या से अवगत हैं।'

शेयर बाजार एनएसई और बीएसई ने भी कहा कि माइक्रोसॉफ्ट प्रणाली के वैश्विक संकट से उन पर कोई असर नहीं हुआ। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आईटी मंत्रालय वैश्विक संकट के संबंध में माइक्रोसॉफ्ट के संपर्क में है, और कहा कि एनआईसी नेटवर्क प्रभावित नहीं है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस संकट की वजह पता चल गई है और समस्या को हल करने के लिए अपडेट जारी किए गए हैं।

इंटरनेट सेवाओं में व्यवधान साइबर हमला तो नहीं?

साइबर सुरक्षा कंपनी ‘क्राउडस्ट्राइक’ ने शुक्रवार को कहा कि इंटरनेट सेवाओं में जिस व्यवधान से दुनियाभर की कंपनियों के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई, वह साइबर हमला नहीं है। ‘क्राउडस्ट्राइक’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जॉर्ज कर्ट्ज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि कंपनी 'विंडोज के लिए एकल सामग्री अपडेट में पाई गई खामी से प्रभावित ग्राहकों की समस्या को दूर करने के वास्ते सक्रिय रूप से काम कर रही है।' उन्होंने कहा, 'यह सुरक्षा से जुड़ी कोई घटना या साइबर हमला नहीं है। समस्या की पहचान कर ली गई है और उसका समाधान भी कर दिया गया है।' ‘क्राउडस्ट्राइक’ के नए अपडेट को इस व्यवधान का कारण बताया जा रहा है, जिसने विंडोज आधारित कम्प्यूटर और लैपटॉप को प्रभावित किया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article